अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। खरीफ फसल की बुआई के मौसम में किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और कृषि फीडरों से ट्रांसफार्मर चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी छिरिड़ वाई भूटिया एवं पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्युत विभाग और पुलिस प्रशासन के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया तथा ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में कृषि कार्यों के लिए कुल 3,061 कृषि ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इनमें से अब तक 112 ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं, जिससे किसानों को सिंचाई कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा। इन सभी मामलों में विद्युत विभाग की ओर से संबंधित थानों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है।
पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को दोषियों की जल्द पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर चोरी में शामिल अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जहानाबाद कृषि प्रधान जिला है और इस समय खरीफ फसल, विशेषकर धान की बुआई का मौसम चल रहा है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब अथवा चोरी हुए ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि कृषि फीडरों पर 250 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 7 से 8 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी ने इस कार्य में और तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि धान की रोपाई और सिंचाई के दौरान किसानों को बिजली की कमी का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ट्रांसफार्मर चोरी रोकने के लिए पुलिस और विद्युत विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी तथा आम लोगों से भी अपील की गई कि ट्रांसफार्मर चोरी या संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस या विद्युत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।







