अजीत कुमार
जहानाबाद(अपना नालंदा)। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता, समानता, बंधुत्व और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘समता संकल्प अभियान’ के तहत पटना से रवाना हुआ पावन कलश शुक्रवार को जहानाबाद पहुंचा। पावन कलश के जहानाबाद पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
जहानाबाद पहुंचने पर पावन कलश का प्राचीन देवी मंदिर परिसर में श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान के बाद पावन कलश को स्थापित किया गया। उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करने तथा उनके सामाजिक संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जीवन और उनके विचार सामाजिक समानता एवं मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना का विरोध करते हुए मानव मात्र की समानता पर जोर दिया। उनके विचारों में मानव सेवा, प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता का मूल भाव दिखाई देता है।
वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी का संदेश आज के दौर में और भी प्रासंगिक है। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, आचरण और मानवीय मूल्यों से होती है। उनके विचार समाज में आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
‘समता संकल्प अभियान’ के माध्यम से संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि समाज में समानता और समरसता स्थापित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष, भाजपा महामंत्री अनिल ठाकुर, अमरेंद्र कुमार, ओबीसी मोर्चा के कुणाल गुप्ता, पूर्व जिला मंत्री विजय कुमार सत्कार, महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम कुमारी सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
पावन कलश के जहानाबाद पहुंचने और पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के आदर्शों पर चलने तथा समाज में प्रेम, समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण श्रद्धा और सामाजिक एकता के संदेश से ओत-प्रोत रहा।







