संजय कुमार/अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक आयोजित होने वाले राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। हर तीन वर्ष पर आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात संचालन को लेकर राजगीर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है, जो 15 मई से 15 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजगीर शहर में कई प्रमुख मार्गों पर छोटे और बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। वनगंगा से राजगीर की ओर आने वाले सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहन जैसे ट्रक, ट्रैक्टर और पिकअप वाहनों के प्रवेश एवं परिचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। वहीं हसनपुर आरओबी से वनगंगा तक आने-जाने वाले मार्ग पर भी छोटे एवं बड़े वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा हरियाली से कलाली मोड़ तक तथा हरियाली से ब्रह्मकुंड एवं कलाली मोड़ से ब्रह्मकुंड आने-जाने वाले मार्गों पर भी सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित मार्गों से जुड़े सभी लिंक रोड पर भी वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
यातायात दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने कई वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। बिहारशरीफ से राजगीर होकर नवादा एवं गया जाने वाले व्यवसायिक वाहनों को अब बख्तियारपुर-रजौली राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरना होगा। गया से सरबहदा होते हुए छबिलापुर आने वाले भारी वाहन सरबहदा मोड़ और खुदागंज सीमा से इस्लामपुर मार्ग की ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
इसी प्रकार गिरियक मोड़ से राजगीर आने वाले व्यवसायिक वाहनों को भी राजगीर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उन्हें बख्तियारपुर-रजौली एनएच से होकर गुजरना होगा। गया, हिसुआ और नवादा से आने वाली छोटी गाड़ियों के लिए नारदीगंज, पकड़िया और खराट मोड़ होते हुए बिहारशरीफ एवं पटना की ओर जाने का वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में बैरियर और ड्रॉप गेट भी बनाए हैं। ब्रह्मकुंड, विरायतन मोड़, सप्तधारा, सोन भंडार, हॉकी मैदान मोड़, बंगाली पाड़ा, कलाली मोड़, किला मैदान, झूला मोड़, पांडुपोखर, हसनपुर ओवरब्रिज, वनगंगा और विश्व शांति स्तूप मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों पर बैरियर लगाए जाएंगे। इन स्थानों पर पुलिस बल एवं दंडाधिकारी तैनात रहेंगे।
मेला अवधि में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पीएचईडी कैंपस, विश्व शांति स्तूप पार्किंग, किला मैदान, आरडीएच हाई स्कूल मैदान, पीटीजेएम कॉलेज, हॉकी मैदान, सोन भंडार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गौरक्षणी तथा आयुध फैक्ट्री गेट के समीप पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। मेयर बाईपास क्षेत्र में भी अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
यातायात संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विभिन्न रूट चार्ट भी जारी किए हैं। बिहारशरीफ से गया जाने वाले वाहनों के लिए हसनपुर, छबिलापुर और सरबहदा मार्ग निर्धारित किया गया है। वहीं गिरियक होकर गया जाने वाले वाहनों को मधुबन, पटरिया और वनगंगा मार्ग से होकर गुजरना होगा। बिहारशरीफ से नवादा जाने वाले वाहनों के लिए गिरियक मार्ग निर्धारित किया गया है।
नियमित बसों के संचालन को लेकर भी विशेष रूट तय किया गया है। बिहारशरीफ से आने वाली बसें सीधे राजगीर बस स्टैंड तक जाएंगी और वहीं से वापसी करेंगी। प्रशासन ने कहा है कि बसों के अतिरिक्त परिचालन की स्थिति में आवश्यकता अनुसार अस्थायी व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
यातायात प्रबंधन के लिए शहर में कई ट्रैफिक आउट पोस्ट भी बनाए गए हैं। विरायतन मोड़, जरादेवी मंदिर, अंबेडकर चौक, छबिलापुर मोड़, कलाली मोड़, हसनपुर, पंडितपुर, पिलखी बाईपास, हरियाली, नगर परिषद मोड़, किला मैदान, शांति स्तूप तिराहा और वनगंगा समेत विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष तैनाती की जाएगी।
ऑटो, टोटो एवं टांगा परिचालन के लिए भी प्रशासन ने अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। रेलवे स्टेशन से ब्लॉक मोड़, छबिलापुर मोड़, हरियाली और विरायतन होकर नगर परिषद मोड़ तक लाल कोड मार्ग निर्धारित किया गया है। वहीं वनगंगा से जरादेवी मंदिर तक पीला कोड मार्ग तय किया गया है। टांगा परिचालन को केवल निर्धारित क्षेत्रों तक सीमित रखा जाएगा।
मलमास मेले के दौरान सबसे अधिक भीड़ ब्रह्मकुंड एवं वैतरणी क्षेत्र में उमड़ती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने इन क्षेत्रों को पूर्णतः नो व्हीकल जोन घोषित किया है। यहां किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं को पैदल ही आवाजाही करनी होगी।
ब्रह्मकुंड में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए विरायतन मोड़ से जिग-जैग मार्ग होते हुए मुख्य प्रवेश द्वार तक रास्ता निर्धारित किया गया है। वहीं निकास के लिए काशी कुंड एवं लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास से अलग मार्ग बनाया गया है। वैतरणी में प्रवेश के लिए भूटानी मंदिर मार्ग तथा निकास के लिए दुखहरणी कुंड और बस स्टैंड मार्ग तय किया गया है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि मलमास मेला को लेकर सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और संबंधित विभागों को पार्किंग, बैरियर, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि मलमास मेला 2026 शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
मलमास मेला 2026 को लेकर राजगीर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू, कई मार्गों पर नो एंट्री
Written by Sanjay Kumar
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