संजय कुमार
बिहारशरीफ(अपना नालंदा)। मगही मगध नागरिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सीबीएसई द्वारा मैथिली भाषा को पहली कक्षा से माध्यमिक स्तर तक मातृभाषा विषय के रूप में शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिहार की भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने वाला कदम है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इसी तर्ज पर बिहार की प्राचीन, समृद्ध और व्यापक रूप से बोली जाने वाली मगही भाषा को भी माध्यमिक स्तर तक मातृभाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए। पारस कुमार सिंह ने कहा कि मगही केवल क्षेत्रीय बोली नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी भाषा है। देश-विदेश में बड़ी संख्या में लोग इसे बोलते और समझते हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में मगही विषय के लिए शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है। इससे स्पष्ट होता है कि मगही भाषा का साहित्य, इतिहास और शैक्षणिक महत्व अत्यंत समृद्ध एवं सशक्त है।
उन्होंने केंद्र सरकार और सीबीएसई से मांग करते हुए कहा कि मैथिली की तरह मगही भाषा को भी विद्यालयी शिक्षा में शामिल किया जाए, ताकि मगध क्षेत्र के करोड़ों लोगों को गौरव और सम्मान की अनुभूति हो सके।
पारस कुमार सिंह ने उठाई मगही को माध्यमिक शिक्षा में मातृभाषा को दर्जा देने की मांग
Written by Sanjay Kumar
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