सदर अस्पताल हादसे पर डीएम सख्त: निर्माणाधीन भवन का किया निरीक्षण, जांच कमेटी गठित, 3 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट

Written by Sanjay Kumar

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अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। सदर अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन जी+7 अस्पताल भवन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला पदाधिकारी छिरिड़ वाई भूटिया ने सोमवार को निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
गौरतलब है कि रविवार देर रात निर्माण कार्य के दौरान समस्तीपुर जिले के 27 वर्षीय मजदूर जगरनाथ कुमार ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, पटना रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 15 जून को भी इसी निर्माणाधीन भवन में कार्य के दौरान दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया और समिति को 3 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के अनुपालन, दुर्घटना के कारण, किस स्तर पर लापरवाही हुई, मृत एवं घायल मजदूरों या उनके परिजनों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति, दोषी व्यक्तियों की पहचान तथा उनके विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई संबंधी सभी बिंदुओं को शामिल करने को कहा गया है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह, प्रभारी सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के अधीक्षक सहित निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित

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