अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। जहानाबाद जिले के सरेन पंचायत अंतर्गत टेहटा गांव निवासी रानी देवी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। जीविका से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश की है।
रानी देवी बताती हैं कि पहले उनके पति ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। सीमित आय के कारण परिवार का पालन-पोषण काफी कठिनाइयों में होता था और आर्थिक तंगी हमेशा बनी रहती थी। इसी बीच वह दुर्गा जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और यहीं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई।
उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद शुरुआती दौर में आर्थिक परेशानियों के कारण बचत जमा करना भी कठिन था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। समूह के सहयोग और आत्मविश्वास के बल पर वह लगातार आगे बढ़ती रहीं। समूह से सर्वप्रथम 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी, दुकान में गेट लगवाया तथा सिलाई का छोटा व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में उन्हें प्रतिदिन लगभग 100 रुपये की आमदनी होने लगी।
रानी देवी ने समय पर ऋण का भुगतान कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत उन्हें 10 हजार रुपये की सहायता मिली, जिससे उन्होंने किराना दुकान खोली। आज वह प्रतिमाह लगभग 9 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना चुकी हैं।
रानी देवी अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन जहानाबाद एवं जीविका को देती हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और जीविका के सहयोग से ही वह आत्मनिर्भर बन सकीं और समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर पाईं।
जिला प्रशासन ने रानी देवी की सफलता को महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण बताया। प्रशासन का कहना है कि संयुक्त प्रयासों से जहानाबाद में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अभियान लगातार जारी है।







