संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बढ़ती गर्मी और जलस्रोतों की कमी के बीच पक्षियों को दाना-पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा कॉलेज में “पक्षी मित्र अभियान” की शुरुआत की गई। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा एसएफडी के सहयोग से चलाए गए इस अभियान के तहत कॉलेज परिसर में पक्षियों के लिए पानी एवं दाने की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा ने मिट्टी के सकोरे में पानी भरकर की। इस अवसर पर उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं एवं आम लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी का समय पक्षियों के लिए बेहद कठिन होता है। शहरों में तालाब, पोखर और प्राकृतिक जलस्रोत लगातार कम होते जा रहे हैं, जिसके कारण पक्षियों को पानी और भोजन के लिए भटकना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में पक्षी भूख और प्यास के कारण दम तोड़ देते हैं। ऐसे में यदि लोग अपने घरों की छत, बालकनी या आसपास के पेड़ों पर पानी और दाने की व्यवस्था करें तो हजारों पक्षियों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
एनएसएस पदाधिकारी डॉ. बिनीत लाल ने छात्रों एवं नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों की छतों या आसपास मिट्टी के बर्तन में पानी अवश्य रखें, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
भूगोल विभाग की डॉ. प्रीति रानी ने कहा कि लोगों को अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए पक्षियों के लिए परिंडे बांधने चाहिए, ताकि उन्हें आसानी से दाना-पानी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पक्षियों का संरक्षण प्रकृति और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अभियान में भौतिकी विभाग के डॉ. शशांक शेखर झा, गणित विभाग के डॉ. उपेन मंडल, एसएफडी के अविनाश कुमार, लव कुमार, राहुल उपाध्याय, अनिशा कुमारी, कुंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया और परिसर में पक्षियों के लिए पानी एवं दाने की व्यवस्था की।







