संजय कुमार
पटना (अपना नालंदा)। राजधानी पटना के रविंद्र भवन में रविवार को आयोजित भूमिहार-ब्राह्मण महाबैठकी में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे। महाबैठकी में सामाजिक एकता, संगठन को मजबूत करने, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों को सहयोग देने तथा समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रस्तावों पर सहमति बनने की बात आयोजकों ने कही।
महाबैठकी का प्रमुख आकर्षण समाज के लिए तैयार किया गया ‘Bhu Connect App’ का शुभारंभ रहा। आयोजकों के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, आपसी संवाद बढ़ाने और जरूरत के समय सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। ऐप को विशेष रूप से समाज के युवाओं और तकनीक से जुड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक संपर्क मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के वरिष्ठजनों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में किसी भी समाज की मजबूती केवल संख्या से नहीं, बल्कि शिक्षा, संगठन, आर्थिक आत्मनिर्भरता और आपसी सहयोग से तय होती है। इसी उद्देश्य से मोहल्ला स्तर से लेकर जिला स्तर तक सामाजिक संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
सामाजिक और संगठनात्मक मजबूती पर जोर
महाबैठकी में वक्ताओं ने कहा कि समाज के भीतर संवाद की कमी को दूर करना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने और समाजहित के कार्यों में सामूहिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
आयोजकों ने शिक्षा को समाज की प्राथमिकता बताते हुए जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मार्गदर्शन और रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता के लिए आपसी सहयोग की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
अंकित चांद्रायण ने उठाए विभिन्न मुद्दे
भूमिहार बैठकी गांधी मैदान के संस्थापक अंकित चांद्रायण ने कहा कि समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत किए बिना उसके हितों और अधिकारों की प्रभावी आवाज नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि भूमिहार बैठकी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी अपनी गतिविधियां जारी रखेगी।
उन्होंने EWS में उम्र सीमा में छूट, भूमिहारों को ब्राह्मण से अलग किए जाने की कथित कोशिश तथा UGC Act से जुड़े विषयों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकारों और समस्याओं के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से समाज की जायज मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा जताई।
पूर्व डीजीपी अभयानंद ने सामूहिक प्रयास को बताया जरूरी
महाबैठकी में पूर्व डीजीपी अभयानंद ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज अपनी सामूहिक शक्ति को पहचानकर उसका उपयोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए करता है, तो इससे सरकार पर समस्याओं के समाधान का बोझ भी कम होता है।
उन्होंने इस तरह के आयोजनों को सकारात्मक बताते हुए कहा कि प्रत्येक समाज को अपनी समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है और महाबैठकी में जुटी भीड़ को किसी राजनीतिक उद्देश्य से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
शिक्षा और रोजगार को बनाया गया प्रमुख मुद्दा
कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार को लेकर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक स्तर पर प्रयास जरूरी है। प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद, करियर मार्गदर्शन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग जैसे विषयों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
युवाओं से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति को सही दिशा में संगठित किया जाए तो समाज के विकास के साथ-साथ व्यापक सामाजिक सरोकारों को भी मजबूती मिल सकती है।
मोहल्ले से जिला स्तर तक संगठन विस्तार का संकल्प
महाबैठकी में संगठन विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। आयोजकों ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए केवल बड़े आयोजनों तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय स्तर पर भी संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाना होगा। इसके लिए मोहल्ला, प्रखंड और जिला स्तर पर संवाद एवं संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
महिलाओं और युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक जिम्मेदारी देने तथा समाज के वरिष्ठजनों के अनुभव का लाभ लेने की बात भी कही गई।
‘Bhu Connect App’ से डिजिटल जुड़ाव की पहल

‘Bhu Connect App’ की लॉन्चिंग को महाबैठकी की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया गया। आयोजकों का कहना है कि डिजिटल माध्यम के जरिए समाज के लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को आसान बनाया जा सकता है। इसके माध्यम से सामाजिक गतिविधियों, आपसी संवाद और जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने की दिशा में पहल किए जाने की योजना है।
महाबैठकी के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में समाज को तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलना होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को जोड़ने और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर समाज को एकजुट, शिक्षित, आर्थिक रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से सक्रिय बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने कहा कि महाबैठकी का उद्देश्य किसी के विरोध में खड़ा होना नहीं, बल्कि समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं पर चर्चा करना और समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करना है।
महाबैठकी में सामाजिक एकता, शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सहयोग, युवाओं की भागीदारी और संगठन विस्तार को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच संपन्न हुई इस महाबैठकी को आयोजकों ने समाज के बीच संवाद और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।







