अल्पसंख्यक शिक्षकों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई जारी रखने का नवल किशोर यादव ने दिया भरोसा, शिक्षकों ने समर्थन का किया ऐलान

Written by Sanjay Kumar

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अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बिहार विधान परिषद सदस्य एवं शिक्षक नेता प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और सुविधाओं के लिए उन्होंने हमेशा सदन में मजबूती से आवाज उठाई है। मदरसा शिक्षकों के वेतन से जुड़े मामले हों या अल्पसंख्यक शिक्षकों के नियोजन का मुद्दा, उन्होंने पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ इन समस्याओं को विधान परिषद में उठाने का काम किया है।
उक्त बातें उन्होंने बुधवार की संध्या अल्पसंख्यक शिक्षक संघ की ओर से सोहसराय स्थित सिटी गार्डन मैरिज हॉल में आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि शिक्षक समाज शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने सदन में लगातार आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि उनके लिए सभी शिक्षक समान हैं और उन्होंने कभी भी शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया नहीं अपनाया।


उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी लगातार प्रयास किया गया है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि पूर्व में जिस प्रकार उनका दुआ और आशीर्वाद मिलता रहा है, उसी प्रकार इस बार भी अपना समर्थन और आशीर्वाद दें, ताकि अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए आगे भी मजबूती से प्रयास किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यक शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं, उनके समाधान तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। संवाद के दौरान मौजूद शिक्षकों ने अपनी समस्याएं भी रखीं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की।
कार्यक्रम में मौजूद अल्पसंख्यक शिक्षकों ने एक स्वर में प्रो. नवल किशोर यादव को अपना समर्थन देने की घोषणा की। शिक्षकों ने कहा कि उनके द्वारा शिक्षकों के हित में सदन में उठाए गए मुद्दों को देखते हुए वे उनके साथ खड़े हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना शकील अहमद ने की।
इस अवसर पर मोहम्मद अमीन, अहमद एखलाक, अजीत यादव, मोहम्मद शाहजहां, आमिर इकबाल, मुख्तार आलम, तौकीर आलम, परवेज आलम, मोहम्मद ग्यास, सरवर, मोबिन उल हक, महताब आलम, अनवर आलम, मोहम्मद दानिस निजामी, मोहम्मद हाफिज गुफरान, जहांगीर आलम, इमरान आलम, मोहम्मद शहनवाज, मौलाना तारिक, प्रोफेसर साबिर, फैज अमीरी, अंजार आलम, कमरुज्जमा, अमजद हुसैन, परवेज उगानवी, जफर इकबाल, समीम अख्तर, आफरीन अंसारी, शमशाद हैदर, कमरुद्दीन कादरी, मौज्जम आलम, मोहम्मद जाकी आलम सहित दर्जनों शिक्षक एवं समर्थक मौजूद थे।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने अल्पसंख्यक शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को आगे भी मजबूती से उठाने तथा उनके अधिकारों की आवाज को सदन तक पहुंचाने की अपेक्षा जताई।

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