कबीरपंथी आश्रम में गांधी जयंती महोत्सव, महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पहल शुरू

Written by Sanjay Kumar

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चितरंजन कुमार
पटना(अपना नालंदा)। मीठापुर स्थित कबीरपंथी आश्रम के कबीर साईं मंदिर प्रांगण में गुरुवारीय सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग के दौरान आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाले महात्मा गांधी जन्म जयंती महोत्सव की तैयारियों को लेकर जानकारी दी गई। आश्रम के महंत ब्रजेश मुनि जी महाराज ने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उनके सत्य, अहिंसा, प्रेम, समानता और स्वावलंबन के विचारों को जीवन में अपनाने का अवसर भी है।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को आश्रम परिसर में महात्मा गांधी जन्म जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों तथा समाज और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर आधारित विशेष गोष्ठी आयोजित की जाएगी। गोष्ठी में सत्य, अहिंसा, सामाजिक समरसता और स्वावलंबन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

‘कबीर सिलाई सेंटर’ का होगा उद्घाटन

महंत ब्रजेश मुनि ने बताया कि गांधी जयंती महोत्सव के अवसर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘कबीर सिलाई सेंटर’ का भी उद्घाटन किया जाएगा। सेंटर के माध्यम से महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर मिलने से वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगी और अपने परिवार की आय में भी योगदान दे सकेंगी। इसी उद्देश्य से सेंटर में अधिक से अधिक सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

50 सिलाई मशीनें जुटाने का लक्ष्य

महंत ने बताया कि वार्ड संख्या 19 की समाजसेवी डॉ. रेशमा सिंह ने सिलाई सेंटर की शुरुआत के लिए पांच सिलाई मशीनें दान में दी हैं। आश्रम की ओर से सेंटर में कुल 50 सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद इच्छुक माताओं-बहनों को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सिलाई जैसे हुनर के माध्यम से महिलाएं घर से भी काम शुरू कर सकती हैं। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और समाज में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

कबीर और गांधी के विचारों की समानता पर जोर

महंत ब्रजेश मुनि ने कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब और महात्मा गांधी के विचारों में कई समानताएं दिखाई देती हैं। दोनों महापुरुषों ने ईश्वर की एक सत्ता और निराकार ब्रह्म में विश्वास व्यक्त किया तथा समाज में हिंदू-मुस्लिम एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि दोनों ने अहिंसा, प्रेम और मानवता को जीवन का महत्वपूर्ण आधार माना। जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में आपसी सद्भाव और समानता स्थापित करने का संदेश दिया गया। आज के समय में भी कबीर साहेब और महात्मा गांधी के विचार समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं।

महंत ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और अहिंसा की आवश्यकता है। ऐसे में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और उन्हें व्यवहार में उतारना जरूरी है।

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कई गणमान्य लोग होंगे शामिल

आश्रम की ओर से बताया गया कि 2 अक्टूबर को होने वाले महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान गांधीजी के विचारों और सामाजिक समरसता से जुड़े विषयों पर वक्ताओं द्वारा अपने विचार रखे जाएंगे।

गुरुवारीय सत्संग के दौरान आध्यात्मिक एवं सामाजिक संदेशों पर भी चर्चा हुई। सत्संग से पूर्व महिला भजन मंडली ने कबीर साईं के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम, मानवता और सद्भाव का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया। आश्रम प्रबंधन ने आगामी गांधी जयंती महोत्सव को सफल बनाने के लिए श्रद्धालुओं और समाज के लोगों से सहयोग की अपील की है।

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