बेगूसराय(अपना नालंदा)। मंझौल स्थित प्रसिद्ध जयमंगलागढ़ शक्तिपीठ मंदिर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर हिन्दू युवा वाहिनी के बिहार एवं झारखंड प्रभारी प्रभात सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जयमंगलागढ़ मंदिर के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और क्षेत्र के समग्र विकास का प्रस्ताव उनके समक्ष रखा।
प्रभात सिंह बेगूसराय सदर प्रखंड की मोहनपुर पंचायत के पहाड़पुर गांव निवासी स्व. अरविंद सिंह के पुत्र हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि जयमंगलागढ़ को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

मुलाकात के दौरान योगी आदित्यनाथ ने जयमंगलागढ़ के विकास के लिए आर्थिक सहयोग एवं अनुदान देने की इच्छा जताई। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि अवसर मिला तो वे स्वयं जयमंगलागढ़ मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन करेंगे।
जयमंगला गढ़ कावर झील के निकट स्थित है और जिला प्रशासन की पर्यटन वेबसाइट पर भी इसे पर्यटन स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। मंदिर में चंडी मंगला देवी की प्रतिमा स्थापित है। बेगूसराय जिला प्रशासन के अनुसार यह क्षेत्र सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है।
जयमंगलागढ़ के विकास को लेकर पहले भी पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा होती रही है। कावर झील क्षेत्र में इको-टूरिज्म और मंदिर के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास की योजनाओं का भी उल्लेख सामने आया है।
प्रभात सिंह ने कहा कि जयमंगलागढ़ को धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही क्षेत्र में स्थानीय रोजगार, व्यापार और आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी गति मिलने की संभावना है।







