चितरंजन कुमार
चंडी(अपना नालंदा)। बीमा पॉलिसी रिन्यूवल कराने के नाम पर लोगों से चेक लेने और बैंकिंग दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में चंडी पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रामकोट थाना क्षेत्र के अलीपुर अली रज्जा निवासी उपेंद्र कुमार, पिता रामसिंह यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करता था और उनकी बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराने के नाम पर चेक हासिल करता था।
थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि आरोपी लोगों को बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण का झांसा देकर उनसे चेक लेता था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि इन चेकों में छेड़छाड़ कर उनकी राशि निकालने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और बरामद दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद ही फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस ने आरोपी के पास से 48 चेक, चार आधार कार्ड, अलग-अलग नामों से इस्तेमाल किए जा रहे सिम कार्ड, मेटलाइफ का आईकार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग लोगों के चेक और कई पहचान दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है।
ग्राहक के संदेह से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा बैंक ग्राहक रविंद्र कुमार के संदेह के बाद हुआ। रविंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उनसे 50-50 रुपये के दो चेक लिए थे। इसके बाद अगले दिन आरोपी ने चेक रिजेक्ट होने की बात कहते हुए उनसे दूसरा चेक देने को कहा।
आरोपी की इस मांग पर रविंद्र कुमार को संदेह हुआ। उन्होंने बैंक से अपने चेक के संबंध में जानकारी ली। जांच के दौरान मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद चंडी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

कई लोगों को निशाना बनाने की आशंका
आरोपी के पास से 48 चेक बरामद होने के बाद पुलिस को आशंका है कि उसने कई अन्य लोगों से भी बीमा रिन्यूवल या अन्य बहाने से चेक हासिल किए होंगे। पुलिस अब बरामद चेकों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि ये चेक किन-किन लोगों के हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
इसके अलावा चार आधार कार्ड, अलग-अलग नामों के सिम कार्ड, मेटलाइफ का आईकार्ड और दो मोबाइल फोन भी पुलिस जांच के दायरे में हैं। पुलिस मोबाइल फोन में मौजूद कॉल डिटेल, संपर्क नंबर, मैसेज और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच कर रही है, ताकि आरोपी के संपर्क में रहे अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह कब से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और क्या उसके साथ इस काम में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को चेक, बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज देने से पहले उसकी पहचान और संबंधित कंपनी से उसकी संबद्धता की पुष्टि जरूर करें।







