रात्रि निरीक्षण पर निकले सिविल सर्जन, अस्पतालों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

Written by Sanjay Kumar

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अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। जहानाबाद में इन दिनों प्रशासनिक अधिकारी रात्रि निरीक्षण के माध्यम से सरकारी व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। पुलिस विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग भी देर रात औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने में जुट गया है। इसी क्रम में सिविल सर्जन द्वारा मंगलवार रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काको, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोषी एवं रेफरल अस्पताल घोषी का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी भी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रात्रि निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात एम्बुलेंस सेवाओं की भी जांच की गई। सिविल सर्जन ने एम्बुलेंस में उपलब्ध जीवन रक्षक दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडर एवं एसी की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रोस्टर के अनुसार चिकित्सक, स्टाफ नर्स एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित पाए गए। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं मरीजों के अनुकूल बनाने पर जोर देते हुए कहा कि अस्पतालों में समय पर ड्यूटी एवं बेहतर सेवा सुनिश्चित करना सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है।

इधर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय दलालों और निजी नर्सिंग होम के नेटवर्क को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दलाल ग्रामीण मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती करा देते हैं, जहां मरीजों से भारी राशि वसूली जाती है। लोगों ने ऐसे मामलों पर भी स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य विभाग निजी एम्बुलेंस संचालन एवं अस्पताल परिसर के आसपास सक्रिय संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच करेगा, ताकि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके।

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