अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मनरेगा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मई माह तक विभाग द्वारा 12 लाख 50 हजार 396 मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक मात्र 1 लाख 56 हजार 92 मानव दिवस का ही सृजन हो पाया है। लक्ष्य के मुकाबले धीमी प्रगति पर उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने नाराजगी जताते हुए सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने विशेष रूप से घोषी, मखदुमपुर एवं रतनी फरीदपुर प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर प्रगति में सुधार लाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की लंबित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। योजनाओं की पूर्णता में हो रही देरी पर उप विकास आयुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया।
मनरेगा अंतर्गत खेल मैदान निर्माण योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में स्वीकृत 73 खेल मैदानों में से अब तक 67 खेल मैदानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष छह खेल मैदानों को गुणवत्ता के साथ जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही पूर्ण हो चुके खेल मैदानों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप संबंधित भू-स्वामित्व वाले विभाग को हस्तांतरित करने को भी कहा गया।
समीक्षा बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में औसतन 74 योजनाओं की प्लानिंग की गई है। विभागीय मानकों के अनुरूप योजनाओं के संचालन एवं क्रियान्वयन को लेकर सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने एवं आधारभूत संरचना विकास की महत्वपूर्ण योजना है। इसलिए सभी अधिकारी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा हो सके।
बैठक में रोहित कुमार मिश्रा, निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुदर्शन कुमार, निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, राजेश कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, सहायक अभियंता मनरेगा, सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी एवं कनीय अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।







