20 जून तक हर हाल में पूरा करें एग्री रजिस्ट्री कार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीएम अलंकृता पाण्डेय

Written by Sanjay Kumar

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अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। बिहार सरकार एवं मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में एग्री स्टैक परियोजना के तहत चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा के तहत 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक चलने वाले फार्मर रजिस्ट्री अभियान को जिले में हर हाल में 20 जून तक पूरा करना है। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों एवं पंचायत स्तर के कर्मियों को समन्वय बनाकर तेजी से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी 88 पंचायतों में एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत अधिकाधिक किसानों का फार्मर आईडी निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

डीएम अलंकृता पाण्डेय ने जिला कृषि पदाधिकारी को पंचायतवार लंबित फार्मर रजिस्ट्री एवं फार्मर आईडी निर्माण की पेंडेंसी सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह सूची सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, कृषि समन्वयक एवं हल्का कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पंचायतवार लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

जिला पदाधिकारी ने प्रखंड स्तर के वरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे प्रतिदिन फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा करें और प्रगति रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए पंचायत स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें बीएलओ, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं संबंधित हल्का कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी संबंधित कर्मी अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में नियमित फील्ड विजिट करें और किसानों से सीधे संपर्क स्थापित कर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से पूरा करें। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पंचायत स्तर पर पर्याप्त संख्या में कैंप, लॉगिन व्यवस्था एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में जिला पदाधिकारी ने पूर्व से लंबित एवं पेंडेंसी वाले मामलों को प्राथमिकता के आधार पर अगले दो से तीन दिनों के भीतर निष्पादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान का आवेदन परिमार्जन के कारण लंबित है तो संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी इसकी जानकारी प्राप्त कर तत्काल संबंधित अंचल अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करें।

डीएम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिन पंचायतों अथवा प्रखंडों में द्वितीय चरण के दौरान कार्य की प्रगति धीमी पाई जाएगी, वहां संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर लंबित मामलों में विशेष तेजी लाकर अधिकाधिक किसानों को अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने किसानों से भी अपील की कि वे समय पर फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि उन्हें सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक परियोजना के तहत तैयार की जा रही फार्मर आईडी भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान, बीमा, कृषि ऋण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में सहायक होगी। इसलिए इस अभियान को गंभीरता से लेना आवश्यक है।

बैठक में अपर समाहर्ता स्तर के पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, बीएलओ सहित अन्य संबंधित कर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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