हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। हरनौत प्रखंड की नेहुसा पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को संचालित करने वाली अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (WPU) को बीती रात अज्ञात बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया। करीब सात लाख रुपये की लागत से स्थापित इस इकाई में आगजनी के कारण भवन सहित कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद पंचायत में हड़कंप मच गया और स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों एवं पंचायत के स्वच्छता पर्यवेक्षक परमानंद पासवान के अनुसार, आग लगने की घटना रात करीब 10 बजे की है। आग इतनी तेजी से फैली कि WPU भवन के अंदर रखी कचरा प्रसंस्करण से संबंधित सामग्री को संभालने का मौका नहीं मिला। आग बुझने के बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो अंदर रखी अधिकांश सामग्री जलकर राख हो चुकी थी।
भवन को भी पहुंचा नुकसान
आगजनी की घटना में केवल कचरा प्रसंस्करण सामग्री ही नहीं जली, बल्कि WPU के भवन को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आग की तपिश से छत, दीवार एवं फर्श का प्लास्टर उखड़ गया, जबकि भवन की संरचना को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
इकाई के अंदर रखे बोतल, मल्टी-लेयर प्लास्टिक, सिरिंज, पुराना लोहा, पॉलिथीन समेत अन्य कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार नुकसान का वास्तविक आकलन संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

20 वार्डों के कचरे का होता था प्रसंस्करण
नेहुसा पंचायत में स्थापित यह अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पंचायत के सभी 20 वार्डों से एकत्रित कचरे के निपटान एवं प्रसंस्करण के लिए महत्वपूर्ण थी। विभिन्न वार्डों से कचरा ठेला गाड़ियों के माध्यम से WPU तक पहुंचाया जाता था, जहां कचरे को अलग-अलग कर उसके प्रसंस्करण एवं निस्तारण की प्रक्रिया की जाती थी।
इकाई के बंद होने से पंचायत के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन पर भी असर पड़ने की आशंका है। सोमवार को आगजनी की घटना के कारण कचरे की छंटाई एवं प्रसंस्करण का काम प्रभावित रहा।
25 कर्मियों के रोजगार से जुड़ी थी व्यवस्था
स्वच्छता पर्यवेक्षक परमानंद पासवान ने बताया कि पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत कुल 25 कर्मी कार्यरत हैं। इनमें दो चालक, 20 सफाई कर्मी, एक स्वच्छता पर्यवेक्षक तथा कचरे को अलग-अलग करने के लिए दो कर्मी शामिल हैं।
WPU के माध्यम से पंचायत में एकत्रित कचरे को व्यवस्थित तरीके से अलग करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया संचालित की जाती थी। इसके संचालन से पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ कई कर्मियों का रोजगार भी जुड़ा हुआ है।
सुनियोजित आगजनी की आशंका
घटना के बाद प्रारंभिक तौर पर सुनियोजित आगजनी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग किस कारण लगी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना की गंभीरता से जांच कराने तथा दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की ऐसी महत्वपूर्ण इकाई को नुकसान पहुंचाना पंचायत की पूरी स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वाला मामला है।

सात लाख की लागत से बना था भवन
पंचायत सचिव विकास कुमार ने बताया कि लगभग सात लाख रुपये की लागत से WPU भवन का निर्माण करीब दो वर्ष पूर्व कराया गया था। इसका निर्माण शेरपुर गांव जाने वाली सड़क के किनारे कराया गया था। यहां पंचायत के विभिन्न वार्डों से एकत्रित कचरे को लाकर उसकी छंटाई एवं प्रसंस्करण किया जाता था।
उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना से भवन एवं उसमें रखी सामग्री को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का विस्तृत आकलन जांच के बाद किया जाएगा।
पुलिस ने पहुंचकर ली जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। सूचना पर एएसआई मो. तालिब, एएसआई विकास कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और पंचायत कर्मियों एवं ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
बाद में मामले की सूचना हरनौत थाना को भी दी गई। पुलिस द्वारा घटना के कारणों और आगजनी में किसी की संलिप्तता की जांच की जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद घटना में शामिल लोगों की पहचान हो सकेगी।
शीघ्र WPU चालू कराने की मांग
पंचायत की मुखिया मंजूषा कुमारी ने कहा कि आगजनी की घटना से पंचायत को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि WPU पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके जलने से स्वच्छ भारत अभियान को भी झटका लगा है।
उन्होंने प्रशासन से घटना की गंभीरता से जांच कराने, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त इकाई को जल्द से जल्द दुरुस्त कर पुनः चालू कराने की मांग की।
ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि आगजनी की घटना में शामिल दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई की मरम्मत कराकर स्वच्छता व्यवस्था को पूर्व की तरह सुचारु किया जाए।







