चितरंजन कुमार
चंडी (अपना नालंदा)। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और उन्हें बीमारियों की समय पर पहचान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संकल्प जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी क्लस्टर में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 200 से अधिक जीविका दीदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। स्वास्थ्य जांच को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने शिविर में पहुंचकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
शिविर के दौरान महिलाओं की एनीमिया, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर (बीपी) समेत विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। जांच के दौरान 45 महिलाओं में एनीमिया की स्थिति पाई गई, जबकि 40 महिलाओं की ब्लड शुगर जांच की गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने जांच के साथ-साथ महिलाओं को स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी और संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक किया।

एनीमिया की जांच से सामने आई खून की कमी
शिविर में एनीमिया की जांच को विशेष महत्व दिया गया। जांच के माध्यम से महिलाओं में खून की कमी की स्थिति की पहचान की गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं को एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की जानकारी दी।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि महिलाओं में खून की कमी को अक्सर सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से समस्या की शुरुआती स्तर पर पहचान की जा सकती है और समय पर उचित सलाह एवं उपचार लिया जा सकता है।
ब्लड शुगर और बीपी की भी हुई जांच
शिविर में ब्लड शुगर की जांच के साथ महिलाओं का ब्लड प्रेशर भी जांचा गया। 40 महिलाओं की ब्लड शुगर जांच की गई। इन जांचों के माध्यम से महिलाओं को मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि कई बार प्रारंभिक अवस्था में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराना जरूरी है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई।
नियमित स्वास्थ्य जांच और पौष्टिक आहार की दी सलाह
शिविर में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने जीविका दीदियों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। महिलाओं को भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करने तथा अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा महिलाओं को यह भी बताया गया कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समस्या होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने से बीमारी की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है और गंभीर स्थिति से बचाव संभव है।
ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की पहल
आयोजकों ने बताया कि स्वास्थ्य जांच शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और उन्हें बीमारियों की समय पर पहचान एवं बचाव के प्रति जागरूक करना है। जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं के बीच इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से उन्हें अपने स्वास्थ्य की नियमित निगरानी का अवसर मिलता है।
शिविर में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि ग्रामीण महिलाएं अब अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रही हैं और स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं जानकारी प्राप्त करने के लिए आगे आ रही हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में संकल्प जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी क्लस्टर की अध्यक्ष छोटी कुमारी एवं सचिव श्वेता भारती, बीपीएम जितेंद्र प्रसाद चौरसिया, क्षेत्रीय समन्वयक ऋषिता कुमारी, एचएनएस नोडल नेहा कुमारी, सीसी प्रतिभा कुमारी, एचएनएस एमआरपी हरे राम समेत अन्य कैडर मौजूद रहे।
वहीं एसजेवाई एमआरपी रामशीष प्रसाद, चितरंजन कुमार एवं अजय समेत अन्य लोगों ने भी स्वास्थ्य जांच शिविर के आयोजन में सक्रिय सहयोग किया। आयोजकों एवं कर्मियों की देखरेख में जीविका दीदियों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई।







