भीषण गर्मी में करीब 150 घरों में पेयजल संकट, पीएचईडी ने मंगलवार को मिस्त्री भेजकर जांच कराने की कही बात

Written by Sanjay Kumar

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हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। प्रखंड की पचौरा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-4 में पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना पिछले करीब एक सप्ताह से ठप पड़ी है। पानी की टंकी की मशीन खराब होने के कारण घरों तक जलापूर्ति बंद है। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बाधित होने से करीब 150 घरों में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों के सामने गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना उनके लिए पेयजल का प्रमुख साधन है। इसी योजना के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचता है, जिसका इस्तेमाल लोग पीने के अलावा खाना बनाने, स्नान, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों में करते हैं। अचानक एक सप्ताह से जलापूर्ति बंद हो जाने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।


मशीन खराब होने से ठप हुई जलापूर्ति
ग्रामीणों के अनुसार, नल-जल योजना की पानी टंकी की मशीन में खराबी आने के बाद से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही विभाग द्वारा खराबी दूर कर जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी, लेकिन करीब एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होने से खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को घरेलू जरूरतों के लिए दूर-दराज के दूसरे जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अधिकारियों को दी गई सूचना, फिर भी नहीं पहुंचा मिस्त्री
नल-जल योजना के संचालक सह वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सुधीर कुमार ने बताया कि पानी टंकी की मशीन में खराबी आ गई है। इसकी सूचना संबंधित वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत के लिए मिस्त्री मौके पर नहीं पहुंचे हैं।


उन्होंने बताया कि मशीन की खराबी दूर होने के बाद ही नियमित रूप से जलापूर्ति शुरू हो सकेगी। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द तकनीकी खराबी दूर कर पानी की आपूर्ति बहाल करनी चाहिए।
बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में नल-जल योजना की सप्लाई एक सप्ताह तक बंद रहना बड़ी समस्या है। उनका कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है, जबकि योजना का उद्देश्य ही घर-घर तक नियमित पेयजल पहुंचाना है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल पानी की टंकी की जांच कराकर खराब मशीन की मरम्मत कराने और जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
इस समस्या को लेकर राजीव पासवान, दयानंद पासवान, मीना देवी, सुगी देवी, सुलेखा कुमारी, कृष्ण, गुंजा माधुरी, संजीत, सुनील और विजय समेत अन्य ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया और नल-जल की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में लंबे समय तक जलापूर्ति बाधित रहना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
मंगलवार को मौके पर पहुंचेगा मिस्त्री
इस संबंध में पीएचईडी की जेई सुप्रिया कुमारी ने बताया कि मामला विभाग के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मोटर जली है या स्टार्टर में खराबी आई है। मंगलवार को मिस्त्री को मौके पर भेजकर मशीन की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा और जलापूर्ति बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी।

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