प्रभारी बीईओ के बीआरसी में नहीं बैठने से शिक्षकों की बढ़ी परेशानी, संघ की बैठक में उठा मुद्दा

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, नालंदा की जिला कार्य समिति की बैठक सोमवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष रौशन कुमार ने की। बैठक में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, विभागीय कार्यों में आ रही परेशानियों और लंबित मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा प्रभार वाले प्रखंडों में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) के बीआरसी में नियमित रूप से नहीं बैठने का रहा।
संघ के सदस्यों ने कहा कि जिले के 20 प्रखंडों में से सात प्रखंडों में शिक्षा विभाग के डीपीओ तथा सात प्रखंडों में प्रखंड स्तर के प्रखंड प्रसार पदाधिकारियों को बीईओ का प्रभार दिया गया है। संघ का आरोप है कि प्रभार वाले इन प्रखंडों के बीआरसी में संबंधित पदाधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं। इससे शिक्षकों को अपने विभागीय कार्यों के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने बताया कि सेवा पुस्तिका का अद्यतन कराने, बकाया वेतन से संबंधित प्री-रिसीट या बिल विपत्र भेजने, अवकाश की स्वीकृति, योग्यता विस्तार की अनुमति सहित कई आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें संबंधित पदाधिकारी से मिलना पड़ता है। लेकिन बीआरसी में पदाधिकारी के उपलब्ध नहीं रहने के कारण शिक्षक बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर होते हैं।


संघ के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि पदाधिकारी से सीधे मुलाकात नहीं होने के कारण कई शिक्षकों को अपने कार्यों के लिए बिचौलियों या दलालों का सहारा लेना पड़ता है। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। संघ ने मांग की कि प्रभार वाले सभी प्रखंडों के बीआरसी में संबंधित पदाधिकारी के बैठने के लिए निश्चित दिन और समय निर्धारित किया जाए, ताकि शिक्षक बिना अनावश्यक भागदौड़ के अपने विभागीय कार्यों का निष्पादन करा सकें।
जिला अध्यक्ष रौशन कुमार ने कहा कि संघ जल्द ही जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र से मिलकर इस समस्या को उनके समक्ष रखेगा और प्रभार वाले प्रखंडों में संबंधित पदाधिकारियों के बीआरसी में बैठने के लिए तिथि एवं समय निर्धारित कराने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो संघ की ओर से जिलाधिकारी से भी मिलकर पूरे मामले की शिकायत की जाएगी।
प्रोन्नति और वेतन संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा
बैठक में शिक्षकों की कालबद्ध प्रोन्नति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के अनुसार, नियोजित शिक्षकों में आठ वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के साथ-साथ विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक एवं प्रधान शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा नियोजित शिक्षकों के वेतन से ईपीएफ की राशि की कटौती किए जाने के बावजूद कई महीनों की राशि शिक्षकों के ईपीएफ खाते में जमा नहीं होने का मामला भी बैठक में उठाया गया। संघ ने इस संबंध में भी विभाग से आवश्यक कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रधान शिक्षकों को एक वर्ष बीत जाने के बाद भी वेतन संरक्षण का लाभ नहीं मिलना गंभीर मामला है। इसके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पहल किए जाने की जरूरत है।
बैठक में बीपीएससी से बहाल TRE-1 एवं TRE-2 शिक्षकों के वार्षिक वेतन वृद्धि की अंतर राशि का भुगतान लंबित रहने पर भी चर्चा हुई। संघ ने संबंधित शिक्षकों को बकाया अंतर राशि का भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।


विशिष्ट शिक्षकों के महंगाई भत्ता अंतर राशि का मामला
बैठक में विशिष्ट प्रथम एवं द्वितीय चरण के शिक्षकों को जनवरी 2025 से जून 2025 तक के महंगाई भत्ता की अंतर राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने कहा कि लंबित राशि का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शहरी आवास भत्ता में कटौती पर शिक्षकों में नाराजगी
बैठक में नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत की परिधि से आठ किलोमीटर के अंदर स्थित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मिलने वाले शहरी आवास भत्ता में की गई कटौती पर भी गहरी नाराजगी जताई गई।
संघ के अनुसार, ऐसे विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पूर्व से शहरी आवास भत्ता दिया जा रहा था, लेकिन अगस्त 2026 के वेतन से इस भत्ते की कटौती कर दी गई है। संघ ने कहा कि अचानक की गई इस कटौती से संबंधित शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
जिला अध्यक्ष रौशन कुमार ने कहा कि संघ इस मामले को जल्द ही परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी के समक्ष लिखित रूप से रखेगा। उनसे विभागीय स्तर पर मामले को उठाकर समाधान कराने की मांग की जाएगी।
बैठक में संघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर से लेकर विभागीय स्तर तक लगातार प्रयास किया जाएगा। पदाधिकारियों की बीआरसी में उपलब्धता, लंबित वेतन-भत्ते, प्रोन्नति, ईपीएफ, वेतन संरक्षण तथा आवास भत्ता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में संघ के सचिव सुनील कुमार, उपाध्यक्ष सूचित कुमार, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, संयुक्त सचिव शशिकांत कुमार वर्मा, अतिउत्तम कुमार, संयोजक प्रकाशचंद्र, अजय कुमार, दयानन्द कुमार, सूरज चौहान, तारकनाथ जयसवाल, मुकेश कुमार, संतोष कुमार निराला, विनीत सन्यासी, उमाशंकर, रविरंजन कुमार, रविशंकर प्रसाद, संतोष पटेल सहित दर्जनों सदस्य मौजूद रहे।

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