“राजगीर मलमास मेला 2026 के लिए हाईटेक तैयारी! 550 CCTV, ड्रोन निगरानी, 1000 शौचालय और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था”

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार/अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेला 2026 को लेकर नालंदा जिला प्रशासन ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। शनिवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने राजगीर पहुंचकर मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधि-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया।

राजकीय मलमास मेला का आयोजन 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक राजगीर में होगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु ब्रह्मकुंड में स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे। प्रशासन को अनुमान है कि शाही स्नान के अवसर पर प्रतिदिन 2 से 2.5 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।

डीएम ने सुरक्षा और सुविधा पर दिया विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ करें।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर बनाए रखने और महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी तथा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।

शाही स्नान की तिथियों पर विशेष व्यवस्था

मलमास मेला में सबसे अधिक भीड़ तीन प्रमुख शाही स्नान के अवसर पर उमड़ती है।

प्रथम शाही स्नान – 27 मई 2026 (एकादशी)

द्वितीय शाही स्नान – 31 मई 2026 (पूर्णिमा)

तृतीय शाही स्नान – 11 जून 2026 (एकादशी)

इसके अलावा 21 मई पंचमी और 15 जून अमावस्या को भी अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना जताई गई है।

श्रद्धालुओं के लिए विशाल आवासन व्यवस्था

प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए 14 बड़े आवासन स्थल तैयार किए हैं, जिनमें 11 जर्मन हैंगर और 3 वाटरप्रूफ पंडाल शामिल हैं। स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में विशेष वीआईपी टेंट सिटी बनाई गई है। इन टेंट सिटी की कुल आवासन क्षमता लगभग 6000 लोगों की होगी।

सभी आवासन स्थलों पर मिस्ट कूलर, पेयजल, शौचालय, पंखा, कूलर, रोशनी और सीसीटीवी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।

300 प्याऊ और 1000 से अधिक शौचालय

गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बड़े स्तर पर पेयजल व्यवस्था की गई है। पीएचईडी विभाग द्वारा 30 स्थानों पर 300 प्याऊ लगाए गए हैं। इसके अलावा 20 नए चापाकल लगाए गए हैं और 60 खराब चापाकलों की मरम्मत कराई गई है।

प्रशासन ने 125 स्टैंड पोस्ट और 15 पेयजल टैंकर भी रिजर्व रखे हैं। प्रतिदिन लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

वहीं स्वच्छता के लिए 1000 से अधिक शौचालय और 75 यूरिनल की व्यवस्था की गई है। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष तैयारी

मेला क्षेत्र में आठ अस्थायी अस्पताल, 18 स्वास्थ्य शिविर, 16 एम्बुलेंस और चार चलंत चिकित्सा दल तैनात किए जाएंगे। केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे डॉक्टर, पर्यवेक्षक और 260 पारामेडिकल कर्मी मौजूद रहेंगे।

ब्रह्मकुंड क्षेत्र में विशेष चिकित्सा शिविर स्थापित किया गया है। अनुमंडलीय अस्पताल और भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था

मलमास मेला में सुरक्षा के लिए लगभग 950 दंडाधिकारी, 530 पुलिस पदाधिकारी, 100 होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा 38 टॉप और 16 वॉच टावर बनाए गए हैं।

पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी 550 सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। पहली बार ब्रह्मकुंड और सप्तधारा क्षेत्र में ऑडियो-वीजुअल कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी होगी।

आपदा प्रबंधन के लिए विशेष तैयारी

संभावित भगदड़, आग, जल दुर्घटना और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए 21 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम को तैनात किया गया है। ब्रह्मकुंड, वैतरणी और अन्य स्थानों पर 180 आपदा मित्रों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

मेला क्षेत्र में विशेष “रेड कॉरिडोर” बनाया गया है, जिसका उपयोग केवल आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस और राहत कार्यों के लिए किया जाएगा।

सफाई और स्वच्छता पर फोकस

पूरा मेला क्षेत्र तीन सफाई जोन में बांटा गया है। तीन पालियों में 617 मजदूर, 87 पर्यवेक्षक और 20 से अधिक वाहन सफाई कार्य में लगाए गए हैं। नियमित रूप से फॉगिंग, चूना और ब्लीचिंग का छिड़काव किया जाएगा।

परिवहन और पार्किंग की विशेष व्यवस्था

पटना, बख्तियारपुर, गया, जहानाबाद और नवादा से राजगीर के लिए रिंग बस सेवा चलाई जाएगी। 12 पार्किंग स्थल और 20 ट्रैफिक चेक पोस्ट बनाए गए हैं।

ई-रिक्शा और टोटो के लिए विशेष रूट, किराया और कलर कोडिंग तय की गई है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं

जिग-जैग बैरिकेडिंग में बड़े टीवी स्क्रीन लगाए जाएंगे, जहां धार्मिक कार्यक्रम और भक्ति प्रसारण दिखाए जाएंगे। गर्मी से राहत के लिए मिस्ट कूलर, स्प्रिंकलर और मिस्ट पंखों की व्यवस्था भी की गई है।

बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं मोबाइल नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न कंपनियों के सहयोग से अतिरिक्त नेटवर्क टावर लगाए गए हैं।

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि राजकीय मलमास मेला नालंदा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आयोजन है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाए ताकि वे श्रद्धा और आस्था के साथ मेले का आनंद ले सकें।

इस मौके पर उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी, मंदिर समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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