अखिलेंद्र कुमार
पटना (अपना नालंदा)। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना प्रमंडल कार्यालय ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना को पांचवां स्मार पत्र जारी करते हुए लंबित जांच प्रतिवेदन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। यह मामला फर्जी शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति से जुड़ा है, जिसमें गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है।
कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि श्रीमती गायत्री देवी, सचिव, तेजस्वी फैंस एसोसिएशन, कुर्जी मगध कॉलोनी, पटना द्वारा तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, पटना तथा वर्तमान में किशनगंज में पदस्थापित राजकमल कुमार के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियोजित शिक्षक रजनीश रंजन को सेवा में बनाए रखा गया और उन्हें बकाया वेतन का भुगतान भी किया गया।
इस संबंध में पहले भी कई बार पत्राचार कर बिंदुवार जांच कर स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा गया, लेकिन लगभग 11 माह बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। शिक्षा विभाग के निदेशक, प्रशासन ने भी 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि तीन दिनों के अंदर विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा अनावश्यक विलंब, कार्य में उदासीनता और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना के आरोप में संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।








