अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। अस्थावां थाना क्षेत्र के गोठिया गांव में छापेमारी कर पुलिस ने कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए लोगों के मोबाइल और व्हाट्सएप तक पहुंच बनाने के बाद उनके परिचितों से पैसे की मांग कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से आठ स्क्रीनटच मोबाइल बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, अस्थावां थाना क्षेत्र के ग्राम गोठिया में कुछ व्यक्तियों द्वारा साइबर ठगी किए जाने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के सत्यापन के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए नालंदा साइबर थाना की टीम ने गोठिया गांव स्थित एक मुर्गी फार्म एवं अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के घरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

Bluedart का एजेंट बनकर करते थे संपर्क
पुलिस की पूछताछ में साइबर ठगी के एक नए तरीके का खुलासा हुआ। आरोपी खुद को Bluedart का एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें पार्सल डिलीवरी से संबंधित समस्या या प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर एक विशेष नंबर डायल करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
आरोपी पीड़ित के मोबाइल फोन में 21XXXXXXXXXX# जैसे कोड डायल करवाकर उसके मोबाइल नंबर की Call Forwarding सेवा को एक फर्जी मोबाइल नंबर पर सक्रिय कर देते थे। इसके बाद पीड़ित के मोबाइल पर आने वाली कॉल दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड हो जाती थी।
परिचितों को संकट में फंसे होने का देते थे झांसा
पुलिस के मुताबिक, कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय होने के बाद आरोपी पीड़ित के परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों को फोन कर खुद को संबंधित व्यक्ति बताकर बातचीत करते थे। परिचितों को बताया जाता था कि वे किसी आपात स्थिति या संकट में फंस गए हैं और तत्काल पैसों की आवश्यकता है। विश्वास में लेकर उनसे पैसे की मांग की जाती थी।
इस तरह आरोपी पीड़ित के परिचितों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते थे। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इसके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन पटेल, उम्र 26 वर्ष, पिता रविशंकर प्रसाद तथा मनीष कुमार, उम्र 23 वर्ष, पिता अनिल प्रसाद, दोनों ग्राम-गोठिया, थाना-अस्थावां, जिला-नालंदा के रूप में की गई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 08 स्क्रीनटच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस बरामद मोबाइलों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि इनके माध्यम से की गई साइबर ठगी की अन्य घटनाओं का भी पता लगाया जा सके।

साइबर थाना में मामला दर्ज
इस मामले में नालंदा साइबर थाना कांड संख्या 211/26, दिनांक 07.09.2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को विधिवत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है और ठगी के माध्यम से कितनी रकम की वसूली की गई है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
साइबर ठगी के इस मामले के सफल उद्भेदन एवं गिरफ्तारी में नालंदा साइबर थाना की टीम के पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में पु०अ०नि० अबू तालीब अंसारी, पु०अ०नि० तौकीर खान कुमार, पु०अ०नि० विवेक कुमार, सि० पुनेश कुमार, सि० यश कुमार, सि० चंदन कुमार, सि० रविनंदन कुमार, सि० रवि कुमार, चा० सि० निरंजन कुमार, गृह रक्षक करण कुमार, सशस्त्र बल नालंदा साइबर थाना एवं जिला आसूचना इकाई की टीम शामिल रही।
पुलिस की अपील—अनजान कोड डायल न करें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई विशेष कोड या नंबर डायल न करें। पार्सल डिलीवरी, बैंक, मोबाइल सेवा या किसी अन्य बहाने से यदि कोई व्यक्ति मोबाइल में कोई कोड डायल करने को कहता है तो सावधान रहें। किसी परिचित के नाम पर अचानक पैसे की मांग होने पर भी पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर इसकी पुष्टि करें।







