भारत भूषण तिवारी जैसे ब्राह्मण सर्व समाज के कल्याण की बातें करते हैं :– डॉक्टर चंद्रमणि पाण्डेय

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बिहारशरीफ में आयोजित श्रोत्रिय कल्याण संघम् के तृतीय सम्मेलन में ब्राह्मण समाज की परंपरा, सामाजिक योगदान और वर्तमान समय में सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए संगठन के पदाधिकारियों और समाज के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया तथा समाज के हित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय ब्राह्मण सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. चंद्रमणि पाण्डेय ने कहा कि बिहार श्री भारत भूषण तिवारी जैसे विद्वान ब्राह्मण सदैव सर्व समाज के कल्याण की भावना से कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की मूल सोच हमेशा लोकमंगल और मानव कल्याण की रही है। उनका कहना था कि वर्तमान समय में राजनीति का एक वर्ग ब्राह्मण समाज को निशाना बनाकर अनावश्यक बयानबाजी करता है। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने के बजाय सभी वर्गों के विकास और कल्याण के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए।
सम्मेलन की अध्यक्षता अनिल कुमार पाण्डेय ने की, जबकि मंच संचालन प्रो. वीरमणि पाण्डेय ने किया। बिहार प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि श्रोत्रिय समाज भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि इस समाज ने सदैव अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के हित में कार्य किया है। उन्होंने लोगों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रदेश महासचिव मनीष नयन ने कहा कि श्रोत्रिय समाज का दायित्व ज्ञान, शिक्षा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को सही दिशा देना है। वहीं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष भरत पाण्डेय ने कहा कि भारतीय परंपरा में श्रोत्रिय समाज ने शिक्षा, धार्मिक अनुष्ठानों और समाज के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारतीय ब्राह्मण सेवा संघ के बिहार प्रदेश महासचिव पुरुषोत्तम पाण्डेय ने वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों के सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और आपसी संवाद को मजबूत करने पर बल दिया।
सम्मेलन में संतोष कुमार पाण्डेय, संत कुमार पाण्डेय, रविशंकर पाण्डेय, बलराम पाण्डेय, बालकृष्ण शर्मा, राजीव कुमार पाण्डेय, अनिल कुमार शर्मा, उमाकांत पाण्डेय, भूषण पाण्डेय, सत्येंद्र पाण्डेय, विवेकानंद पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, कृष्ण बल्लभ पाण्डेय, श्याम पाण्डेय, ओमप्रकाश, जगत पाण्डेय, विनोद कुमार, रजनीश पाण्डेय, परमिंदर पाण्डेय एवं अवधेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में समाज में शिक्षा, संस्कार, सामाजिक एकता और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

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