राजगीर (अपना नालंदा)। अपने कठोर तप, अनुशासन और त्यागपूर्ण जीवन के लिए देशभर में ‘लौह पुरुष’ के नाम से विख्यात जैन संत सोहम् मुनि जी महाराज शुक्रवार, 15 मई को राजगीर पधार रहे हैं। उनके आगमन की सूचना मिलते ही जैन समाज समेत पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बन गया है। श्रद्धालु मुनि श्री के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं और उनके दर्शन एवं प्रवचन को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।
मलमास मेला में देंगे आध्यात्मिक संदेश
राजगीर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मलमास मेला में भी मुनि श्री अपनी आध्यात्मिक सेवाएं प्रदान करेंगे। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को उनके प्रवचन, ध्यान और धर्म चर्चा का लाभ मिलेगा। मुनि श्री लोगों को संयम, सदाचार और आत्मशुद्धि का संदेश देंगे। माना जा रहा है कि उनके आगमन से इस वर्ष का मलमास मेला और अधिक आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी बन जाएगा।
जुलाई से राजगीर में स्थापित होगा चातुर्मास
जुलाई माह से प्रारंभ होने वाले चातुर्मास की स्थापना भी इस वर्ष राजगीर में ही की जाएगी। जैन धर्म में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। वर्षा ऋतु के चार महीनों में संत एक ही स्थान पर रहकर तप, साधना, स्वाध्याय और धर्मोपदेश करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु संतों के सान्निध्य में धर्म लाभ प्राप्त करते हैं।
राजगीर को इस बार यह विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि सोहम् मुनि जी महाराज यहां चातुर्मास करेंगे। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक सशक्त होने की संभावना है।
प्रतिदिन होंगे प्रवचन, ध्यान और तत्व चर्चा
चातुर्मास काल में प्रतिदिन प्रातःकालीन प्रवचन, तत्व चर्चा, ध्यान साधना, सामायिक एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। मुनि श्री अहिंसा, अपरिग्रह, आत्मसंयम और नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन शैली का संदेश देंगे।
युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष शिविर एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इन आयोजनों से जुड़कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं में दिख रहा विशेष उत्साह
मुनि श्री के आगमन को लेकर राजगीर के जैन समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न समितियों द्वारा स्वागत, आवास, प्रवचन स्थल और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य रमेश पान सहित संघ के अन्य सदस्यों ने बताया कि सोहम् मुनि जी महाराज की वाणी अत्यंत ओजस्वी और प्रेरणादायी है। उनके विचार वर्तमान समय में समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने सभी धर्मप्रेमी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मुनि श्री के दर्शन एवं प्रवचन का लाभ लेने की अपील की है।
कठोर तप और पदयात्रा के लिए प्रसिद्ध हैं मुनि श्री
सोहम् मुनि जी महाराज को ‘लौह पुरुष’ की उपाधि उनके कठोर तप, नियम-निष्ठा और कठिन विहार के कारण मिली है। वे वर्षों से पैदल विहार करते हुए देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। साधना और त्यागमय जीवन के माध्यम से वे समाज में नैतिकता, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश फैला रहे हैं।
उनका जीवन सादगी, अनुशासन और आत्मबल का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि देशभर में लाखों श्रद्धालु उनके विचारों से प्रभावित हैं और उन्हें आध्यात्मिक प्रेरणा स्रोत के रूप में देखते हैं।
राजगीर में होगा आध्यात्मिक ऊर्जा का महाकुंभ, लौह पुरुष जैन संत सोहम् मुनि जी महाराज का भव्य आगमन
Written by Sanjay Kumar
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