राजगीर जू सफारी में शान से लहराया तिरंगा, वन्यजीव संरक्षण का लिया संकल्प

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। राजगीर जू सफारी में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में देशभक्ति, अनुशासन और वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देखने को मिला। इस अवसर पर राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम. ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। शानदार परेड का नेतृत्व वनपाल निरंजन कुमार ने किया।
ध्वजारोहण के बाद परिसर में देशभक्ति का माहौल बना रहा। उपस्थित वनकर्मियों, सफारी के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी तथा देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक श्री राम सुंदर एम. ने राजगीर जू सफारी को बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्यों में से एक बताते हुए कहा कि यह केंद्र वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि जू सफारी का उद्देश्य केवल पर्यटकों का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि लोगों को वन्यजीवों, प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है।


उन्होंने बताया कि बीते वर्ष राजगीर जू सफारी में रिकॉर्ड 4,07,433 पर्यटक पहुंचे। इनमें बिहार के 318 स्कूलों के 18,609 छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे। पिछले वर्ष की तुलना में पर्यटकों की संख्या में 48,831 की वृद्धि हुई। यह सफारी की स्थापना के बाद दूसरा सबसे बड़ा फुटफॉल रहा, जो राजगीर जू सफारी की बढ़ती लोकप्रियता और पर्यटकों के बीच उसकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।
निदेशक ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सफारी के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने यूनिफाइड प्रायोरिटी पैकेज की शुरुआत की सराहना की, जिसके माध्यम से जू सफारी और नेचर सफारी को एक साथ जोड़कर पर्यटकों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाया गया है। इससे पर्यटकों को लंबी कतारों से राहत मिलने के साथ दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों का अनुभव लेने में सुविधा हुई है।
पर्यटकों के मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन के लिए सफारी में कई नई सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। इनमें 180 डिग्री की अत्याधुनिक एनिमेशन फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’, नया स्मारिका (सोवेनियर) स्टोर तथा उन्नत फूड काउंटर प्रमुख हैं। इन सुविधाओं से पर्यटकों को जू सफारी में वन्यजीवों के साथ-साथ आधुनिक मनोरंजन और बेहतर खान-पान की सुविधा मिल रही है।
समारोह के दौरान वन्यजीव कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी विशेष चर्चा हुई। निदेशक ने जू सफारी की पशुचिकित्सक टीम के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि टीम ने गंभीर हाइपोथर्मिया से पीड़ित शेर के बच्चे L2C1 को बचाने और उसका सफलतापूर्वक पालन-पोषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा शावकों में मिर्गी के दौरों का उपचार, एक काले हिरण (ब्लैकबक) के फ्रैक्चर का सफल उपचार तथा सभी नवजात शावकों की माइक्रो-चिपिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए गए हैं।
निदेशक ने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। आधुनिक पर्यटन को वन्यजीव संरक्षण के साथ जोड़कर ही पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन कायम किया जा सकता है। राजगीर जू सफारी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने सफारी के फ्रंटलाइन स्टाफ और गाइडों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने में सफारी के कर्मचारियों एवं गाइडों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके समर्पण और मेहनत के कारण राजगीर जू सफारी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
समारोह के अंत में उत्कृष्ट कार्य, अनुकरणीय गतिविधियों और संस्था के प्रति समर्पित सेवा के लिए वनपाल निरंजन कुमार तथा वनरक्षी अजय कुमार वर्मा को निदेशक श्री राम सुंदर एम. द्वारा विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मियों को बधाई देते हुए निदेशक ने कहा कि ऐसे सम्मान अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राजगीर जू सफारी ने एक ओर जहां देशभक्ति की भावना को मजबूत किया, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। समारोह का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के साथ-साथ वन्यजीवों एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।

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