जनगणना और पढ़ाई :दोहरी जिम्मेदारी में पीस रहे जिले के शिक्षक, प्रेशर में त्रुटि हुई तो कार्रवाई तय
09:30 बजे के बाद जनगणना कार्य संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग
संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।जनगणना कार्य को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर सवाल उठाते हुए परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने तत्काल 09:30 बजे के बाद जनगणना कार्य करने संबंधी आदेश को निरस्त करने और शिक्षकों को मार्क ऑन डियूटी उपस्थिति बनाने का आदेश निर्गत करने की मांग जिलाधिकारी कुन्दन कुमार को आवेदन देकर किए है।
उन्होंने आवेदन में उल्लेख किए है की बिहार में जनगणना 2027 के प्रथम चरण (भवन व मकान सूचिकरण ) की शुरुआत विगत 02 मई से हो चुकी है, जो आगामी 31 मई 2026तक चलेगी। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के बीच नालंदा जिला के शिक्षकों के सामने अब बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। एक ही समय में दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारीयों का निर्वाहन करने में गलती होने की संभावना अधिक है। उन्होंने कहा की जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा के आदेशानुसार जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक /शिक्षिकाओं को न केवल अपने अपने क्षेत्रों में गणना कार्य करना अनिवार्य है, बल्कि उन्हें प्रति दिन सुबह 06:30 बजे से 09:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित होकर कक्षा संचालन भी सुनिश्चित करना हैं।इस तरह के दोहरी जिम्मेदारी से नालंदा जिला के शिक्षकों पर ज्यादा दबाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा की जिला शिक्षा पदाधिकारी का यह आदेश अव्यवहारिक एवं अवैज्ञानिक है। खासकर महिला शिक्षिकाओं को अधिक परेशानी हो रही है।

उन्होंने कहा कि जनगणना सरकार का एक महत्वपूर्ण तथा समयबद्ध कार्य है। जिसे हर हाल में समय पूर्ण करना है।इसलिए जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को इस अवधि में अन्य कार्यों से मुक्त रखा जाना चाहिए।जनगणना और पढ़ाई दोनों कार्य एक साथ करवाने पर शिक्षकों से प्रेशर में त्रुटि होने की संभावना अत्यधिक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को प्रातः कालीन विद्यालय पहुंचने के लिए सुबह 04 बजे से ही तैयारी करनी पड़ती है। जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक अपने घर/ निवास स्थान के नजदीक में पदस्थापित नहीं है।उन्होंने कहा कि अधिकांश शिक्षक 25-50 किलोमीटर की दूरी तय करके विद्यालय पहुंचते हैं। जनगणना कार्य भी पदस्थापित विद्यालय से 08-09 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित भवनों और मकानों की गणना करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सुबह 6:30 स्कूल में उपस्थिति और कक्षा लेने के बाद तुरंत जनगणना कार्य में लगना पड़ रहा है। इस भाग दौड़ में शिक्षक न तो पढ़ाई ठीक से ध्यान दे पा रहे हैं और जनगणना कार्य भीसही से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा की शिक्षकों को इस तरह दोहरी जम्मेदारी देने के कारण जनगणना कार्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों में ऐसी स्थिति बन गया है कि विद्यालय आने में देर हो जाए तो शिक्षा विभाग की कार्रवाई का डर और जनगणना में गलती हो जाए तो प्रशासनिक कार्रवाई तय है। वर्तमान हालात में शिक्षक खुद को सांप-छछूंदर जैसी स्थिति में फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी से जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय कार्य से मुक्त करने और जनगणना कार्य अवधि में मार्क ऑन ड्यूटी के माध्यम से उपस्थित बनाने हेतु पत्र निर्गत करने की मांग किया गया है।इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र निरस्त करने का आदेश देते हुए जनगणना कार्य में सहयोग करने के लिए कहे। मिलने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार के साथ सचिव सुनील कुमार व थरथरी प्रखंड के कोषाध्यक्ष दयानन्द कुमार थे।







