संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत बुधवार को विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, बिहारशरीफ कार्यालय परिसर में भव्य सोलर लोन मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना तथा सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कराने को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्युत अधीक्षण अभियंता मनीष कांत द्वारा जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त शुभम कुमार एवं बैंक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।

जिलाधिकारी ने मेले में लगाए गए विभिन्न बैंकों और सोलर कंपनियों के स्टॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सोलर उपकरणों, ऋण प्रक्रिया और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही बैंक प्रतिनिधियों से बैठक कर ऋण स्वीकृति में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की तथा प्रक्रिया को और सरल व पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर स्थित मीटर जांच लैब का भी निरीक्षण किया और मीटर जांच की पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को मीटर जांच के लाभ और उसकी पारदर्शिता की जानकारी दी जाए, ताकि मीटर संबंधी किसी प्रकार की भ्रांति उत्पन्न न हो।
विद्युत अधीक्षण अभियंता मनीष कांत ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में नालंदा जिला पूरे बिहार में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि जागरूक उपभोक्ताओं और सोलर संवेदकों के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जहां बैंकों द्वारा 42 प्रतिशत ऋण आवेदन अस्वीकृत किए जा रहे थे, वहीं अब यह दर घटकर 21 प्रतिशत रह गई है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा 15 उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर सोलर संयंत्र लगाने के लिए स्वीकृत ऋण के चेक प्रदान किए गए। लाभुकों में श्रीमती पुष्पा सिन्हा, हिरोमनी पासवान, अखिलेश प्रसाद, धर्मराज प्रसाद, बिक्रम कुमार, संदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार, राकेश रंजन, आशा सिन्हा, मृत्युंजय कुमार, चंद्रमनी प्रसाद, रविरंजन कुमार, विश्वजीत प्रसाद, गोपाल एवं सुधीर कुमार शामिल रहे। सभी लाभुकों को विभाग की ओर से पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
इसके अलावा ऑन द स्पॉट पंजीकरण केंद्र पर योजना के तहत आवेदन करने वाले 17 उपभोक्ताओं को भी सम्मानित किया गया। मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंक प्रतिनिधियों और सोलर संवेदकों को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने अपने संबोधन में लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे बिजली खर्च में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। वहीं जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि सौर ऊर्जा आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार वर्ष 2030 तक देश की कुल ऊर्जा क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेगा। उन्होंने छठ महापर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार के लोग सदियों से सूर्य उपासना करते आ रहे हैं और अब सोलर संयंत्र लगाकर सूर्य ऊर्जा का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्युत कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने सभी अतिथियों, बैंक प्रतिनिधियों, उपभोक्ताओं और मीडिया कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान 93 आवेदकों के ऋण आवेदन विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए तथा 135 लोगों ने योजना में रुचि दिखाते हुए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की। कार्यक्रम में कई विद्युत पदाधिकारी, बैंक अधिकारी, सोलर संवेदक एवं बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे।







