हरनौत नगर पंचायत की समिति बैठक में बैठने की व्यवस्था पर उठा सवाल, विकास योजनाओं पर भी हुई अहम चर्चा

Written by Sanjay Kumar

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हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के हरनौत नगर पंचायत कार्यालय में मंगलवार को मुख्य पार्षद बबीता देवी की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर क्षेत्र के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि बैठक के दौरान बैठने की व्यवस्था भी चर्चा का विषय बन गई, क्योंकि अध्यक्षता मुख्य पार्षद द्वारा किए जाने के बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) सौरभ सुमन मुख्य कुर्सी पर बैठे नजर आए, जबकि मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद बगल की कुर्सियों पर बैठे थे।
बैठक में उप मुख्य पार्षद गीता देवी, बिजली आपूर्ति प्रशाखा हरनौत के कनीय अभियंता मनीष कुमार, नगर पंचायत की कनीय अभियंता मनीषा कुमारी, सशक्त स्थायी समिति के नव निर्वाचित सदस्य सुनील कुमार, अनिल कुमार, सूरज कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन ने बताया कि बैठक में नगर पंचायत क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल के नियमित भुगतान पर विचार किया गया, ताकि पूरे नगर क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बाधित न हो। इसके अलावा नगर पंचायत में कार्यरत लगभग 110 सफाई कर्मियों के लिए ड्रेस, साबुन, सफाई उपकरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें भविष्य निधि (पीएफ) एवं ईएसआईसी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
मानसून को देखते हुए जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक स्थानों पर नियमानुसार ह्यूम पाइप लगाने, राबिश गिराने तथा विभिन्न वार्डों में पोपलेन मशीन से विशेष नाला सफाई अभियान चलाने पर भी समिति ने विचार-विमर्श किया। अधिकारियों का कहना है कि इससे बरसात के दौरान जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
बैठक में एक लाख रुपये तक की छोटी विकास योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए संवेदकों का पैनल तैयार करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि इससे छोटे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
इधर, बैठक के बाद पार्षद प्रतिनिधि शिशुपाल कुमार ने बैठने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्षता मुख्य पार्षद कर रही थीं, लेकिन बैठक में ईओ मुख्य कुर्सी पर बैठे थे, जबकि मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद साइड में बैठे दिखाई दिए। उन्होंने इसे प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं बताया।
इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन ने सफाई देते हुए कहा कि ईओ कक्ष में जगह की कमी के कारण ऐसी व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि बैठक की अध्यक्षता करने वाले जनप्रतिनिधि को नियमानुसार प्रमुख स्थान दिया जा सके।

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