संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। रहूई प्रखंड स्थित पैठना टोल प्लाजा के पास बख्तियारपुर-रजौली मुख्य मार्ग पर इन दिनों सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। टोल टैक्स बचाने की कोशिश में भारी वाहन चालक ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाए गए कट का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे हर दिन बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द सख्ती नहीं दिखाई तो यहां कभी भी बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, पैठना टोल प्लाजा से लगभग आधा किलोमीटर पहले पतासंग बाजार के समीप ग्रामीणों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सड़क के बीच एक कट बनाया गया था। इस कट का उद्देश्य स्थानीय लोगों को सड़क पार करने और गांव की ओर आने-जाने में सुविधा देना था। लेकिन अब यह कट भारी वाहनों के लिए अवैध शॉर्टकट बन चुका है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पटना की ओर जाने वाले ट्रक, हाईवा और ट्रेलर चालक टोल प्लाजा से बचने के लिए मुख्य मार्ग छोड़कर इसी कट से फ्लाईओवर के नीचे प्रवेश करते हैं और करीब आधा किलोमीटर तक रॉन्ग साइड चलकर आगे निकल जाते हैं। इस दौरान सामने से आने वाले वाहनों के लिए अचानक खतरे की स्थिति बन जाती है। बाइक सवारों, ऑटो चालकों और छोटी कारों को कई बार अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की संभावना लगातार बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि प्रतिदिन का दृश्य बन चुका है। सुबह से लेकर देर रात तक सैकड़ों भारी वाहन इस अवैध रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। कई बार छोटी-बड़ी टक्करें हो चुकी हैं और लोग घायल भी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस मार्ग पर यह सब हो रहा है, वहां से नियमित रूप से पुलिस पेट्रोलिंग वाहन भी गुजरते हैं। इसके बावजूद रॉन्ग साइड चलने वाले भारी वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन चालक बिना किसी डर के खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई है।
रहूई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में इस मुद्दे को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल बड़े हादसे के बाद ही सक्रिय होता है। लोगों ने मांग की है कि अविलंब इस कट पर बैरिकेडिंग की जाए, पुलिस की स्थायी निगरानी लगाई जाए और रॉन्ग साइड चलने वाले भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल टोल बचाने की यह सनक राहगीरों के लिए रोज़ मौत का खतरा बनती जा रही है।







