30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा मेला, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, यातायात और सीसीटीवी व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। विश्व प्रसिद्ध बराबर श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी श्रीमती छिरिड• वाई भूटिया की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तर पर गठित विभिन्न कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ मेला की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष बराबर श्रावणी मेला 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता उनकी सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभिन्न कोषांगों का गठन कर जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। सभी नोडल पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में साफ-सफाई एवं स्वच्छता कोषांग को मेला परिसर, मंदिर प्रांगण, सीढ़ियों तथा संपर्क मार्गों की नियमित सफाई कराने, पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान लगाने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आवासन कोषांग को श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त विश्राम स्थल, टेंट, शौचालय, स्नानघर, चेंजिंग रूम, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं मंदिर एवं प्रकाश व्यवस्था कोषांग को मंदिर तक जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग, पंडाल, चेंजिंग रूम तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने एवं उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्था कोषांग को मेला क्षेत्र में चिन्हित स्थानों पर 24 घंटे मेडिकल कैंप संचालित करने, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पालीवार प्रतिनियुक्ति, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, जीवनरक्षक दवाओं तथा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही रेफरल अस्पताल मखदुमपुर एवं सदर अस्पताल जहानाबाद में अतिरिक्त बेड आरक्षित रखने को कहा गया।
विद्युत व्यवस्था कोषांग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर विद्युत तारों की मरम्मत, खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने तथा अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं परिवहन एवं यातायात व्यवस्था कोषांग को पार्किंग स्थलों का चयन, यातायात संचालन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, रात्रिकालीन परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने तथा रेलवे समय-सारणी एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन सुनिश्चित करने को कहा गया।
मीडिया एवं कम्युनिकेशन कोषांग को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से श्रावणी मेला-2026 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों की सतत निगरानी कर उनका त्वरित खंडन करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन कोषांग की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए मंदिर परिसर एवं मंदिर तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर नेटवर्क से जुड़े आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही पहले से लगे सभी खराब एवं बंद पड़े कैमरों की मरम्मत कर उन्हें मेला शुरू होने से पहले पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह, सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, कार्यपालक पदाधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी तथा विभिन्न कोषांगों के नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।







