तीन माह से जलजमाव से बेहाल नूरसराय का बिचली बाजार, विरोध में दुकानदारों ने बंद रखीं दुकानें

Written by Sanjay Kumar

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विजय प्रकाश उर्फ पिन्नू
नूरसराय (अपना नालंदा)। नूरसराय बाजार की आत्मा कहे जाने वाले बिचली बाजार में पिछले करीब तीन माह से जारी जलजमाव की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। जलजमाव से परेशान दुकानदारों ने सोमवार को विरोध जताते हुए अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं। दुकानें बंद रहने के कारण बाजार में खरीदारी करने पहुंचे ग्राहकों को बिना सामान खरीदे ही बैरंग अपने घर लौटना पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि लगातार जलजमाव के कारण उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है और अब उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न होने लगा है।
मौजूदा समय में नूरसराय मेन रोड से बिचली बाजार जाने वाली सड़कों पर करीब डेढ़ फीट तक गंदा पानी जमा है। बाजार की मुख्य सड़क और आसपास की गलियों में पानी जमा रहने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के गुजरने पर गंदे पानी के छींटे दुकानों के अंदर और सामानों पर पड़ते हैं, जिससे कपड़े, किराना सहित अन्य सामान खराब होने का खतरा बना रहता है।
दुकानदारों के अनुसार जलजमाव की समस्या पिछले करीब तीन महीने से बनी हुई है। कई बार दुकानदारों ने अपने स्तर से मोटर लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। सुबह मोटर लगाकर पानी निकालने के बाद रात तक दोबारा उसी जगह पानी जमा हो जाता है। दुकानदारों का कहना है कि पानी निकासी के लिए बनाए गए छोटे-बड़े नाले जगह-जगह कचरे और गाद से भरे पड़े हैं, जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
जलजमाव का असर बिचली बाजार के करीब दो दर्जन दुकानों पर पड़ा है। कई दुकानों में गंदा पानी प्रवेश कर चुका है। इतना ही नहीं, बिचली बाजार स्थित महावीर मंदिर परिसर में भी नाले का गंदा पानी प्रवेश कर गया है। इससे दुकानदारों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी हो रही है।
दुकानदार महेंद्र लाल, रवि कुमार, सेठ जी, कमलेश कुमार, जीतू कुमार, आंसू कुमार सहित अन्य ने बताया कि दुकान खोलने से अब कोई फायदा नहीं हो रहा है। पिछले डेढ़-दो माह से कई दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हो पा रही है। ग्राहक जलजमाव के कारण दुकान तक पहुंचने से कतरा रहे हैं। दुकानदारों ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है और इस दौरान कपड़ों सहित कई अन्य सामानों की बिक्री बढ़ जाती है, लेकिन इस बार जलजमाव के कारण दुकानों में सामान पड़ा हुआ है और ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
दुकानदारों का आरोप है कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। दुकानदारों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से भी कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
नाला ध्वस्त होने से बिगड़ी स्थिति
मुखिया रामकृष्ण कुमार ने बताया कि बिचली बाजार की सड़क का पीसीसी ढलाई का कार्य कराया गया है और सड़क के साथ नाला भी बनाया गया था। लेकिन मेन रोड के किनारे दोनों तरफ बने नाले पूर्व में अतिक्रमण हटाने के दौरान बुलडोजर चलने से क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद कई जगह नाला बंद हो गया, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई और बिचली बाजार में जलजमाव की समस्या लगातार गंभीर होती चली गई।
बैठक कर दुकानदारों ने लिया दुकान बंद रखने का निर्णय
जलजमाव की समस्या से परेशान बिचली बाजार के दुकानदारों ने रविवार को बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से सोमवार को सभी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया गया। सोमवार को इसका असर साफ दिखाई दिया और बिचली बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। दुकानदारों ने दुकानें बंद रखकर प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश जताया और जल्द से जल्द समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
सैकड़ों दुकानदारों ने डीएम को सौंपा आवेदन
समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को जदयू के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदार जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर आवेदन सौंपा। दुकानदारों ने डीएम को बिचली बाजार की पूरी स्थिति से अवगत कराया तथा जलजमाव के कारण हो रही परेशानियों और आर्थिक नुकसान की जानकारी दी।
दुकानदारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जल्द ही बिचली बाजार के दुकानदारों के साथ बैठक करने की बात कही। साथ ही उन्होंने जलजमाव की समस्या का स्थल निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करने के लिए बीडीओ और सीओ को निर्देश दिया है।
दुकानदारों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। उनका कहना है कि यदि जल्द पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो बाजार की स्थिति और खराब हो सकती है। दुकानदारों ने प्रशासन से नालों की सफाई, क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मत और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बाजार में सामान्य रूप से कारोबार शुरू हो सके और ग्राहकों को भी परेशानी से राहत मिल सके।

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