बेटियों की सुरक्षा, मंदिर हादसा और शिक्षा में भ्रष्टाचार पर सरकार घिरी
संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले में हाल के दिनों में हुई घटनाओं को लेकर जनसुराज के नेता उपेंद्र कुमार विभूति ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार की वर्तमान सरकार पूरी तरह कमजोर साबित हो रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा से सामने आई घटनाएं न केवल मानवता को झकझोरने वाली हैं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलताओं को भी उजागर करती हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर 17 वर्षीय इंटर की छात्रा के साथ कथित रूप से पिस्तौल की नोक पर दुष्कर्म की जघन्य घटना सामने आती है। घटना के बाद भय और मानसिक आघात के कारण छात्रा द्वारा आत्महत्या कर लेने की खबर समाज को झकझोर देने वाली है। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि बेटियां अपने ही घर और समाज में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, तो यह सरकार की नीतियों और प्रशासनिक तंत्र की विफलता को दर्शाता है।
वहीं दूसरी ओर शीतला अष्टमी के अवसर पर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना में आठ महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। उपेंद्र कुमार विभूति ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक कुप्रबंधन और भीड़ नियंत्रण में घोर लापरवाही का परिणाम है। आस्था के केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में भी व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आई।

उन्होंने शिक्षा विभाग में सामने आए भ्रष्टाचार के मामले को भी गंभीर बताते हुए कहा कि रिश्वतखोरी के आरोप में अधिकारियों पर कार्रवाई होने से यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षा व्यवस्था भी भ्रष्टाचार की चपेट में है। जिन संस्थानों और अधिकारियों पर समाज के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी होती है, वहीं आज अनियमितताओं और घोटालों के प्रतीक बनते जा रहे हैं।
उपेंद्र कुमार विभूति ने कहा कि ये घटनाएं अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि बिहार में व्याप्त प्रशासनिक विफलता और राजनीतिक उदासीनता की एक श्रृंखला का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य आज भय, भ्रष्टाचार और बदहाल व्यवस्था के त्रिकोण में फंस गया है तथा वर्तमान सरकार राज्य को विकास की राह से भटका कर अव्यवस्था की ओर ले जा रही है।
उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या बिहार की बेटियों की सुरक्षा केवल भाषणों तक सीमित रह गई है। क्या प्रशासनिक जवाबदेही समाप्त हो चुकी है और क्या भ्रष्टाचार शासन का अनौपचारिक हिस्सा बन चुका है।
जनसुराज की ओर से मांग की गई कि नालंदा की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए त्वरित और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए। मंदिर हादसे में मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है और अब समय आ गया है कि सत्ता से जवाबदेही मांगी जाए। जनसुराज बिहार के स्वाभिमान, सुरक्षा और सुशासन के लिए संघर्ष को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि बदलाव अब अनिवार्य है, क्योंकि बिहार अब चुप रहने वाला नहीं है।






