संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार की पहल पर राजगीर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने राजगीर स्थित क्षेत्र प्रदर्शन केंद्र (फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन सेंटर) के भवन और परिसर को नालंदा विश्वविद्यालय से खाली कराकर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। इस परिसर में 100 बेड के अस्पताल के साथ 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण का प्रस्ताव है। इससे राजगीर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों, पर्यटकों तथा खिलाड़ियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

सांसद कौशलेंद्र कुमार ने इस पहल के लिए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और प्रधान सचिव कुमार रवि के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राजगीर में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास समय की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, पर्यटन स्थलों और अन्य विकास परियोजनाओं के कारण क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक हो गया है।

सांसद ने जून में उठाया था मामला
सांसद कौशलेंद्र कुमार ने 3 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखकर क्षेत्र प्रदर्शन केंद्र की जमीन और भवन को वापस लेकर वहां अस्पताल निर्माण कराने का अनुरोध किया था। हाल के दिनों में उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर भी इस मांग को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने अपने पत्र में बताया था कि वर्तमान अनुमंडलीय अस्पताल का भवन जर्जर स्थिति में है। वहीं, परिसर में पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण नए अस्पताल का निर्माण शुरू करने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में क्षेत्र प्रदर्शन केंद्र की जमीन का उपयोग अस्पताल निर्माण के लिए करने से राजगीर की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
एक महीने में भवन खाली कराने का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कुमार रवि ने 10 अक्टूबर 2026 को नालंदा के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नालंदा विश्वविद्यालय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक महीने के भीतर भवन और परिसर खाली कराने का निर्देश दिया है। संयुक्त निरीक्षण के बाद भवन को सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, नालंदा को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही जमीन के खाता, खेसरा और कुल रकबे से संबंधित विवरण भी विभाग को उपलब्ध कराना होगा।

किराये की वसूली की प्रक्रिया अलग से चलेगी
विभागीय पत्र के अनुसार, वर्ष 2011 में नालंदा विश्वविद्यालय को कार्यालय संचालन के लिए भवन के निचले तल के उपयोग की अनुमति दी गई थी। इसके लिए शर्त रखी गई थी कि विश्वविद्यालय का अपना भवन बनने पर परिसर खाली करना होगा और निर्धारित किराये का नियमित भुगतान करना होगा।
विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 19 जून 2024 को हो चुका है, लेकिन पुराना भवन अब तक खाली नहीं किया गया है। पत्र में उल्लेख है कि किराये के रूप में 7 सितंबर 2015 को केवल 5,77,125 रुपये का भुगतान किया गया था।
विभाग ने बकाया किराये की गणना और वसूली की कार्रवाई अलग से करने का निर्देश दिया है, ताकि इसके कारण भवन हस्तांतरण में देरी न हो। जिलाधिकारी से 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजगीर में प्रस्तावित 100 बेड के अस्पताल और 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने और अस्पताल के संचालन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं हुई है।







