नवी मुंबई में 20 दिसंबर को जीकेसी का विराट राष्ट्रीय महाधिवेशन, 70 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार

पटना (अपना नालंदा)। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) का विराट राष्ट्रीय महाधिवेशन आगामी 20 दिसंबर 2026 को महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आयोजित किया जाएगा। महाधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले कायस्थ समाज के प्रतिनिधि, पदाधिकारी, विशिष्ट अतिथि एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। संगठन के अनुसार, 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के इस आयोजन से जुड़ने की योजना है।

महाधिवेशन की तैयारियों, संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को लेकर जीकेसी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने की। बैठक में महाधिवेशन के आयोजन, आयोजन समिति के गठन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, डिजिटल सदस्यता अभियान तथा देश-विदेश में संगठन की गतिविधियों के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नवी मुंबई में होने वाला महाधिवेशन कायस्थ समाज की एकता, सहभागिता और संगठनात्मक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों के साथ विदेशों में रहने वाले कायस्थ परिवारों को भी इस आयोजन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। डिजिटल सदस्यता अभियान के माध्यम से संगठन को जिला और प्रखंड स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

महाधिवेशन की तैयारियों के लिए महाराष्ट्र में विशेष आयोजन समिति का गठन किया गया है। जीकेसी के राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार को समिति का मुख्य प्रभारी बनाया गया है। वहीं प्रदेश संयोजक अनिल कुमार चंचल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संजय कामता प्रसाद, प्रदेश महासचिव सुनील कुमार सिन्हा और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जीकेसी के अनुसार करीब चार घंटे तक चलने वाले इस महाधिवेशन का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सांस्कृतिक गतिविधियों एवं कायस्थ समाज की गौरवशाली परंपराओं को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और समाज की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के साथ संगठन की आगामी योजनाओं पर भी चर्चा होगी।

जीकेसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-सह-प्रवक्ता कमल किशोर ने बताया कि गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर से जीकेसी ऐप के माध्यम से व्यापक डिजिटल सदस्यता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सदस्यता अभियान प्रभारी नीलेश रंजन के मार्गदर्शन में यह अभियान देश के सभी राज्यों और जिलों में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ना और सदस्यता प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से व्यापक बनाना है।

जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने बताया कि महाधिवेशन में नेपाल से आठ से दस सम्मानित अवार्डी एवं विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की योजना है। वहीं यूएई से सुरजीत शरण के नेतृत्व में प्रतिनिधियों के जुड़ने की संभावना है। इसके अलावा 70 से अधिक देशों से प्रतिनिधियों के प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होने की योजना है।

रागिनी रंजन ने कहा कि जीकेसी का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना है। मुंबई और महाराष्ट्र में छठ पूजा के दौरान स्थानीय कायस्थ परिवारों से जनसंपर्क कर उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई का महाधिवेशन देश-विदेश में रहने वाले कायस्थ परिवारों को एक मंच पर लाने और आपसी संवाद बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि संगठन की जमीनी पहुंच मजबूत करने के लिए मुंबई एवं महाराष्ट्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। छठ पूजा के दौरान स्थानीय परिवारों से संपर्क कर उन्हें जीकेसी की गतिविधियों और आगामी महाधिवेशन की जानकारी दी जाएगी। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ने और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

जीकेसी के ग्लोबल महासचिव नवीन कुमार ने कहा कि नवी मुंबई में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय महाधिवेशन संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इसके माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले कायस्थ समाज के लोगों के बीच संवाद और संपर्क को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल सदस्यता अभियान से संगठन की पहुंच व्यापक होगी और अधिक से अधिक लोगों को जीकेसी की गतिविधियों से जोड़ा जा सकेगा।

बैठक में महाधिवेशन को सफल बनाने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया। संगठन विस्तार, डिजिटल सदस्यता अभियान और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क को महाधिवेशन की तैयारियों से जोड़ते हुए चरणबद्ध तरीके से गतिविधियां संचालित करने की योजना बनाई गई है। जीकेसी की ओर से देश-विदेश में रहने वाले कायस्थ परिवारों से महाधिवेशन में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई है।

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