बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ (बेएसा) की जिला इकाई नालंदा की ओर से रविवार को प्रखंड कार्यालय, बिहारशरीफ स्थित संघ भवन में आमसभा आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों में पदस्थापित 450 से अधिक कार्यपालक सहायकों ने हिस्सा लिया। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद जिला अध्यक्ष अमित राज ने सभा को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि कार्यपालक सहायक 15 वर्षों से अधिक समय से विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बिहार को डिजिटल राज्य बनाने और सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बावजूद उनकी सेवा शर्तों और भविष्य को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।
जिला सचिव सूरज कुमार ने कहा कि कार्यपालक सहायक लंबे समय से सेवा नियमितीकरण और राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। चुनाव से पूर्व सरकार ने संविदात्मक कर्मियों के मानदेय में 40 प्रतिशत तक वृद्धि की थी, लेकिन कार्यपालक सहायकों को इसका लाभ नहीं मिला। इसके विरोध में संघ ने चरणबद्ध आंदोलन और हड़ताल की थी। सरकार के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी गई, लेकिन करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
इससे कार्यपालक सहायकों में आक्रोश है। सभा में मौजूद कर्मियों ने एकजुट होकर मांगों की पूर्ति के लिए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया और आंदोलन का अल्टीमेटम देने की बात कही। बैठक में संघ के पदाधिकारी एवं कोर कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे।







