सुधीर प्रसाद
बेन (अपना नालंदा)। ग्रीष्मावकाश के दौरान बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने के उद्देश्य से विभिन्न विद्यालयों में संचालित समर कैंप में विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षा से कम देखी जा रही है। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान का असर बच्चों की भागीदारी पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि जो बच्चे समर कैंप में पहुंच रहे हैं, उनमें पढ़ाई के प्रति विशेष रुचि और उत्साह देखने को मिल रहा है।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय जफरा के शिक्षा सेवक रामाधीन मांझी ने बताया कि उनके विद्यालय में प्रतिदिन लगभग 8 से 10 बच्चे समर कैंप में भाग लेने आते हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय कोसनारा के शिक्षा सेवक सुनील कुमार चौधरी, प्राथमिक विद्यालय मखदुमपुर के शिक्षा सेवक रामबली मांझी, मध्य विद्यालय बडीआंट के शिक्षा सेवक कपिल मांझी, मध्य विद्यालय माडी के शिक्षा सेवक अनिल रजक तथा मध्य विद्यालय गुरशरणपुर के शिक्षा सेवक शंकर मांझी ने बताया कि उनके यहां भी प्रतिदिन लगभग 5 से 10 बच्चे ही समर कैंप में पहुंच रहे हैं।
शिक्षा सेवकों का कहना है कि समर कैंप में आने वाले अधिकांश बच्चे मेधावी और पढ़ाई के प्रति जागरूक हैं। वे नियमित रूप से कैंप में भाग लेकर अपनी शैक्षणिक क्षमता को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि अत्यधिक गर्मी और लू जैसे हालात के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से बच रहे हैं, जिससे उपस्थिति प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि मौसम अनुकूल होने पर बच्चों की संख्या में वृद्धि होगी और अधिक विद्यार्थी समर कैंप का लाभ उठा सकेंगे।
भीषण गर्मी के बीच समर कैंप में बच्चों की घटती उपस्थिति
Written by Sanjay Kumar
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