प्रेम कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में वर्षों से कार्यरत बेल्ट्रॉन कर्मियों के नियमितीकरण अथवा सेवा समायोजन का मामला अब भी लंबित है। समिति के गठन के बावजूद ठोस निर्णय नहीं होने से कर्मियों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
बेल्ट्रॉन के माध्यम से कार्यरत प्रोग्रामर, आशुलिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा आईटी बॉयज-गर्ल्स लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं। सरकारी कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण, डिजिटल व्यवस्था, ऑनलाइन कार्यों और विभिन्न लिपिकीय कार्यों में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कर्मियों के अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के Civil Appeal No. 2026, भोला नाथ बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य, दिनांक 30 जनवरी 2026 के आदेश तथा जग्गो बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में 20 दिसंबर 2024 के आदेश और विद्वान महाधिवक्ता, बिहार के पत्रांक-3106 दिनांक 30 जनवरी 2026 के आलोक में नीति निर्धारण के लिए मुख्यमंत्री के अनुमोदन से समिति गठित की गई है।
समिति गठन से कर्मियों को उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुरानी सेवा संबंधी समस्या का समाधान होगा। लेकिन बैठकों एवं प्रक्रिया में लगातार विलंब से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। नालंदा जिले के बेल्ट्रॉन कर्मियों ने सरकार से समिति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर नियमितीकरण अथवा सेवा समायोजन पर स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की है। कर्मियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रखते रहे हैं और सरकार से वार्ता के माध्यम से स्थायी समाधान की अपेक्षा करते हैं।
समिति बनी, वर्षों से इंतजार जारी, बेल्ट्रॉन कर्मियों के नियमितीकरण पर निर्णय कब होगा
Written by Sanjay Kumar
Published on:







