सुधीर प्रसाद
बेन (अपना नालंदा)। हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम का जुलूस शनिवार को बेन प्रखंड में पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लेकर सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।

मोहर्रम का जुलूस बेन के मुख्य मार्गों से होकर पारंपरिक तरीके से निकाला गया। जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक लाठी, बाना एवं अन्य युद्धक कलाओं का आकर्षक प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच मातमी जुलूस आगे बढ़ता हुआ सिपल के रास्ते कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर हिंदू एवं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर मोहर्रम जुलूस में भाग लिया और एक-दूसरे के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना का परिचय दिया। कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया, जिससे आपसी सद्भाव का संदेश पूरे क्षेत्र में देखने को मिला।
मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहा। जुलूस के पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों की मौजूदगी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मोहर्रम का पर्व प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए संपन्न हुआ, जिससे क्षेत्र की सामाजिक एकता और आपसी विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।







