राजगीर मलमास मेला 2026 बनेगा ऐतिहासिक, पहली बार हाईटेक सुरक्षा और वीआईपी टेंट सिटी

Written by Sanjay Kumar

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अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। आगामी राजकीय मलमास मेला 2026 को भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने को लेकर नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में 13 मई 2026 को जिला पदाधिकारी Kundan Kumar एवं पुलिस अधीक्षक Bharat Soni ने राजगीर स्थित मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की सुविधा को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ब्रह्मकुंड, सप्तधारा, वैतरणी, सरस्वती कुंड सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर चल रहे कार्यों को देखा तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को कार्य में तेजी लाने एवं गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार मलमास मेला को अत्याधुनिक एवं योजनाबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवासन की सुविधा के लिए पहली बार वीआईपी टेंट सिटी सहित कुल 15 स्थानों पर जर्मन हैंगर एवं टेंट पंडाल तैयार किए गए हैं। इन आवासन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, हेल्प डेस्क, पुलिस शिविर, सीसीटीवी निगरानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
पहली बार तैयार हुआ हाईटेक लेआउट प्लान
मलमास मेला 2026 में पहली बार संपूर्ण मेला क्षेत्र, ब्रह्मकुंड परिसर और वैतरणी क्षेत्र का वैज्ञानिक लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ब्रह्मकुंड परिसर में लोहे का जिग-जैग बैरिकेडिंग सिस्टम बनाया गया है, ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से स्नान एवं पूजा कर सकें।
गर्मी से राहत देने के लिए जिग-जैग क्षेत्र में मिस्ट फैन एवं मिस्ट कूलर लगाए गए हैं। वहीं श्रद्धालुओं के मनोरंजन एवं सूचना प्रसारण के लिए जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं, जिन पर धार्मिक एवं भक्तिमय कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा।
रेड कॉरिडोर और बफर जोन से होगी भीड़ नियंत्रण व्यवस्था
आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहली बार जिग-जैग से लेकर ब्रह्मकुंड तक रेड कॉरिडोर तैयार किया गया है, जिसका उपयोग केवल आपात स्थिति में किया जाएगा। इसके अलावा ब्रह्मकुंड एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाए गए हैं।


भीड़ नियंत्रण के लिए तीन स्थानों पर बफर जोन एवं होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है।
ब्रह्मकुंड और सप्तधारा निकास द्वार के पास पहली बार ऑडियो-विजुअल कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। वहीं ब्रह्मकुंड में ऑक्सीजन स्तर मापने के लिए विशेष यंत्र भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सहायता हेतु 180 आपदा मित्रों की तैनाती की गई है।
सरस्वती कुंड और वैतरणी को दिया गया नया रूप
सरस्वती नदी की उड़ाही, वैतरणी कुंड की सफाई, मरम्मत एवं रंगाई-पुताई के साथ-साथ थ्री-डी पेंटिंग कराई गई है, जिससे पूरा क्षेत्र आकर्षक और धार्मिक आस्था के अनुरूप दिखाई दे रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को सुखद अनुभव प्राप्त होगा।
पेयजल और शौचालय की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं के लिए 30 स्थानों पर 300 प्याऊ एवं 125 स्टैंड पोस्ट के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त 20 नए चापाकल लगाए गए हैं तथा 60 पुराने चापाकलों की मरम्मत कराई गई है।
स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1000 एफआरपी शौचालय बनाए गए हैं, जिनमें 550 पुरुष एवं 450 महिला शौचालय शामिल हैं। इसके अलावा 75 यूरिनल और नगर परिषद द्वारा 280 अस्थायी शौचालय भी बनाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवा रहेगी पूरी तरह मुस्तैद
मेला क्षेत्र में 8 अस्थायी अस्पताल एवं 18 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 16 एम्बुलेंस एवं 4 चलंत चिकित्सा दल तैनात रहेंगे। अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर और भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में भी विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है।
“दीदी की रसोई” में मिलेगा सस्ता और गुणवत्तापूर्ण भोजन
श्रद्धालुओं के लिए 14 स्थानों पर कुल 25 “दीदी की रसोई” स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सस्ते दर पर स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
सफाई और सुरक्षा पर विशेष फोकस
पूरे मेला क्षेत्र में तीन पालियों में सफाई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए 1700 सफाई कर्मियों, 617 मजदूरों एवं 87 पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मोबाइल ऐप के माध्यम से साफ-सफाई की निगरानी की जाएगी तथा नियमित फॉगिंग एवं ब्लीचिंग का छिड़काव होगा।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था के तहत 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 16 वॉच टावर और 38 टीओपी बनाए गए हैं। आग से सुरक्षा के लिए 30 अग्निशमन वाहन और 250 अग्निशामकों की तैनाती की गई है।
यातायात और पार्किंग की भी विशेष तैयारी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रिंग बस सेवा शुरू की जाएगी। 12 स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां पेयजल एवं शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। जाम से निपटने के लिए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है तथा 20 स्थानों पर यातायात चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पूजा समिति के सदस्य एवं पांडा समाज के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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