पटना (अपना नालंदा)। इवेंटजिक मीडिया द्वारा होटल मौर्या में बिहार एजुकेशन समिट का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य अनामिका सिंह, पटना की मेयर सीता साहू, पटना सिटी के विधायक रत्नेश कुमार, बिहार संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा, वरिष्ठ आईएएस शशांक शेखर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अपने संबोधन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि बिहार शिक्षा की ऐतिहासिक भूमि रही है और नालंदा विश्वविद्यालय ने विश्व को ज्ञान की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है तथा प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाना आवश्यक है।
अति विशिष्ट अतिथि अनामिका सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं, जिससे छात्रों को बेहतर अवसर मिल सके। वहीं पटना सिटी के विधायक रत्नेश कुमार ने शिक्षाविदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को शिक्षित बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

पटना की मेयर सीता साहू ने शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। वरिष्ठ आईएएस शशांक शेखर ने विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षित कर ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। बिहार संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के आयोजक चंदन राज ने बताया कि यह समिट का तीसरा संस्करण है, जिसका उद्देश्य शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि टॉक शो के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और विकसित बिहार में शिक्षा की भूमिका पर चर्चा की गई।
दिल्ली से आए वक्ता चंद्रकांत सिंह ने कहा कि बिहार के छात्र प्रतिभाशाली हैं और देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। इस दौरान सौरभ झा, डॉ. कुमार राजेश रंजन, स्मृति रावत, सुमित शशांक, स्मृति पांडे, किशोर और आशीष झा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के कई शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। मंच का संचालन शैली मिश्रा ने किया, जबकि टॉक शो का संचालन राकेश संडियल ने किया। इस आयोजन में राज्य और पटना के कई प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे, जिससे यह कार्यक्रम सफल और प्रभावी साबित हुआ।







