संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष (व्यवसायिक प्रकोष्ठ) उपेंद्र कुमार विभूति ने बिहार में हुए मंत्रिमंडल गठन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए परिवारवाद और अवसरवाद की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से समाजवाद और सामाजिक न्याय की राजनीति का दावा करने वाले नेताओं ने जनता को केवल भ्रमित करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी जैसे नेताओं ने हमेशा परिवारवाद का विरोध किया, लेकिन अवसर मिलने पर अपने परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ाने में पीछे नहीं रहे।

उपेंद्र विभूति ने आरोप लगाया कि बिना किसी जनसंघर्ष और चुनावी परीक्षा के कई नेताओं के पुत्रों को सीधे मंत्री पद तक पहुंचा दिया गया, जो लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अब केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम बनकर रह गए हैं और आम कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अति पिछड़े, दलित और वंचित समाज के नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं ने वास्तविक विकास के बजाय अपने परिवारों को मजबूत करने का कार्य किया।
अंत में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में परिवारवाद तथा सत्ता-लालसा की राजनीति को करारा जवाब देगी।







