संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। शहर के मंगला स्थान स्थित डैफोडिल पब्लिक स्कूल में रविवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा निर्धारित नवीन शैक्षिक दृष्टिकोण के अंतर्गत “कौशल आधारित मूल्यांकन” विषय पर एक दिवसीय इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली से अवगत कराना और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ नालंदा सहोदया क्लस्टर के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, सचिव आशीष रंजन, सीबीएसई रिसोर्स पर्सन मिसेज रुबीना निशात, डॉ. संजय कुमार, गौसिया परवीन, वेन्यू डायरेक्टर डॉ. रवि चंद कुमार तथा एसटीएनसी दीपक कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया

इस अवसर पर नालंदा सहोदया क्लस्टर के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में केवल रटकर पढ़ाई करने की प्रवृत्ति से आगे बढ़कर विद्यार्थियों के वास्तविक ज्ञान, कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता के विकास पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित मूल्यांकन प्रणाली विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए तैयार नहीं करती, बल्कि उन्हें जीवन की वास्तविक परिस्थितियों में समस्याओं का समाधान करने योग्य बनाती है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सीबीएसई की रिसोर्स पर्सन मिसेज रुबीना निशात ने कौशल आधारित मूल्यांकन की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पद्धति में छात्रों की केवल जानकारी को नहीं, बल्कि उस ज्ञान के प्रयोग, समस्या समाधान क्षमता, आलोचनात्मक चिंतन तथा वास्तविक जीवन में सीखने की क्षमता को भी परखा जाता है।

प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें पारंपरिक परीक्षा प्रणाली से कौशल आधारित मूल्यांकन की ओर बदलाव, स्रोत आधारित प्रश्नों और अनुप्रयोग आधारित प्रश्नों का निर्माण, फॉर्मेटिव असेसमेंट तथा निरंतर मूल्यांकन की भूमिका प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके साथ ही विद्यार्थियों में 21वीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल जैसे क्रिटिकल थिंकिंग और समस्या समाधान क्षमता के विकास पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। समूह गतिविधियों, प्रश्न निर्माण और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और नए शिक्षण तरीकों पर चर्चा की। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली की बेहतर समझ प्राप्त हुई।

कार्यक्रम के अंत में वेन्यू डायरेक्टर डॉ. रवि चंद कुमार ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होती है और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलता है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डैफोडिल पब्लिक स्कूल, सदर आलम मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिहारशरीफ तथा मोहनपुर के कुल 165 शिक्षकों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से शिक्षकों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला।







