“किताबों से आगे बढ़कर समाज सेवा का पाठ: ब्रिलिएंट ग्रुप ने बच्चों को सम्मानित कर पेश की अनोखी मिसाल”

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय लौटे बच्चों का स्वागत इस बार एक अनोखे अंदाज में किया गया। स्थानीय सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलिएंट ग्रुप के विशाल सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने छुट्टियों के दौरान केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
विद्यालय प्रशासन की ओर से ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले विद्यार्थियों को विशेष गृहकार्य दिया गया था। इसके तहत बच्चों से कहा गया था कि वे अपने माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा करें, घर के कामों में सहयोग दें, पेड़-पौधों को नियमित पानी दें, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें तथा भीषण गर्मी में छतों और आंगन में पानी से भरे बर्तन रखें ताकि पक्षियों को राहत मिल सके। साथ ही पड़ोस और समाज में होने वाले छोटे-छोटे सामाजिक कार्यों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
विद्यालय खुलने पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपने घर और मोहल्ले में पानी की बर्बादी रोकने का प्रयास किया। कुछ बच्चों ने सड़क किनारे लगे बिजली के पोलों पर दिन में जलने वाले बल्बों को बंद कराया, जबकि कई बच्चों ने खुले नलों को बंद कर जल संरक्षण का संदेश दिया। इन प्रयासों की विद्यालय प्रबंधन ने सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. शशि भूषण कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक जिम्मेदार, संवेदनशील और संस्कारी नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आने वाला समाज इन्हीं बच्चों के हाथों में है। यदि बचपन से ही उनमें सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और व्यवहारिक ज्ञान के बीज बोए जाएं, तो वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर योगदान दे सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी ओर से योजनाएं और संसाधन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन समाज के वास्तविक विकास के लिए परिवार और विद्यालय की संयुक्त भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बच्चों को प्रेरित कर उनके भीतर सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
समारोह में प्री-नर्सरी से लेकर दसवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में कुंज कुमार, जय श्री, जानकी, शिवन्या, नियति सिंह, तनुष कुमार, नंदनी, मिस्टी, अरब सिंह, सुशांत कुमार, नवनीत कुमार, प्रिया आनंद, आशीष कुमार और प्रिंस रंजन शामिल रहे। इसके अलावा कई अन्य विद्यार्थियों को द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। समारोह में रंजय सिंह, पवन कुमार, किशोर पांडे, विजय कुमार, सतीश कुमार पांडे, नाजिम सर, राजकुमार सर, नाजिया खान, मिलन मैडम, दुरक्षण, सोनम, संध्या, सीमा, चंपा एवं हिना सहित अन्य शिक्षकों ने बच्चों को आगे भी इसी तरह समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
पुरस्कार वितरण समारोह ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और सकारात्मक प्रेरणा मिले तो वे कम उम्र में भी समाज, पर्यावरण और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सकते हैं। विद्यालय की इस पहल की अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।

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