चेतना सत्र में गूंजा पंत का काव्य, बच्चों को मिली ऐतिहासिक जानकारी

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बुधवार को आर जी एल उच्च विद्यालय छबीलापुर, बिहारशरीफ में आयोजित चेतना सत्र ज्ञान, साहित्य, इतिहास और सांस्कृतिक जागरूकता का अनूठा संगम बन गया। चेतना सत्र का संचालन मेंटोर शिक्षक अजय कुमार द्वारा किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को महान साहित्यकारों, ऐतिहासिक घटनाओं तथा सामाजिक महत्व के विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान छायावाद के प्रमुख स्तंभ एवं प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर विशेष चर्चा की गई।
मेंटोर शिक्षक अजय कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छायावाद हिंदी साहित्य की वह धारा है, जिसमें स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविताओं में प्रकृति को जीवंत रूप प्रदान किया। उनकी रचनाओं में प्रकृति का सौंदर्य, हरियाली और कोमलता अत्यंत भावपूर्ण तरीके से दिखाई देती है। उन्होंने पंत की प्रसिद्ध कविता की पंक्तियां सुनाते हुए विद्यार्थियों को साहित्यिक भावों से अवगत कराया।
“छोड़ द्रुमों की मृदुल छाया,
तोड़ प्रकृति से भी माया,
बाले तेरे बाल-जाल में
कैसे उलझा दूँ लोचन।”
काव्य पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया गया। इस अवसर पर अजय कुमार ने बताया कि आज ही के दिन 20 मई 1498 को पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा कालीकट के तट पर पहुंचा था, जिसने भारत और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार मार्ग खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की खोज के दौरान उसके साथ निकले 199 नाविकों में से केवल 55 नाविक ही जीवित वापस लौट सके थे।
चेतना सत्र में विद्यार्थियों को विश्व मधुमक्खी दिवस की जानकारी भी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि मधुमक्खियां पर्यावरण संतुलन और कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों को प्रकृति संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संगीत शिक्षिका सोनल साक्षी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना गीत “सुबह सबेरे लेकर तेरा नाम प्रभु” से हुई। वहीं चेतना सत्र का समापन वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ खुशनुमा वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यालय के कई छात्र-छात्राएं राजगीर मलमास मेले में स्काउट गाइड के साथ सेवा कार्य में गए हुए थे, जिसके कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। इसके बावजूद विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने चेतना सत्र को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक ओंकार देव आर्य, कुंज बिहारी, कुंजेश, अजय कुमार राणा, राकेश कुमार, शंकर कुमार, मोहम्मद आफताब आलम, रौशन कुमार सिंह, कल्पना रेखा, सीमा कुमारी, सोनल साक्षी, राखी कुमारी, धीरज कुमार, शिशुपाल पांडे एवं सुशील सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। वहीं विद्यार्थियों में प्रिया भारती, नंदिनी कुमारी, अंशु कुमारी, जयशीष कुमार, खुशी कुमारी, स्वाति कुमारी, निशा कुमारी, नूतन कुमारी, सलोनी कुमारी, मौसम कुमारी, सुरुचि कुमारी, अंकित कुमार, पूनम कुमारी और अन्य छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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