संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।
जन सुराज पार्टी के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुमार विभूति ने यूट्यूब चैनल खबर नालंदा के साथ विशेष बातचीत में बिहार के व्यापार, रोजगार, पलायन और आर्थिक नीतियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन कारोबार के तेजी से विस्तार के कारण बिहार का पारंपरिक व्यापारी वर्ग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। यदि सरकार ने समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो जिस प्रकार रोजगार की तलाश में युवा और मजदूर राज्य से पलायन कर रहे हैं, उसी प्रकार व्यापारियों का भी बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो सकता है।
उपेन्द्र कुमार विभूति ने कहा कि छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी आज कई प्रकार की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्हें दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन, बिजली बिल, रखरखाव खर्च, बैंक ऋण की किश्तें और विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान करना पड़ता है। इसके बावजूद बाजार में ऑनलाइन कंपनियों की बढ़ती पकड़ के कारण उनके व्यवसाय पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक व्यापारियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धा की स्थिति समान नहीं है, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए एक संतुलित और व्यावहारिक व्यापार नीति बनाई जाए। ऐसी नीति तैयार हो जिससे स्थानीय व्यापारियों को संरक्षण मिले और वे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि व्यापार केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि राज्य के विकास और राजस्व वृद्धि का भी महत्वपूर्ण आधार है।
बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की समीक्षा होनी चाहिए, क्योंकि शराबबंदी के बावजूद पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की तस्करी की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं। इससे बिहार को अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा, जबकि अन्य राज्यों को राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए व्यापक चर्चा करनी चाहिए।
उपेन्द्र विभूति ने फुटपाथ वेंडरों और छोटे दुकानदारों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नगर निकायों को ऐसे वेंडरों के लिए स्थायी स्थान चिह्नित कर आवंटित करना चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय और असुविधा के अपना व्यवसाय कर सकें। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि यदि राज्य सरकार फिल्म निर्माण और संबंधित उद्योगों को प्रोत्साहन दे, तो युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए सरकार, व्यापारी, उद्यमी और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। व्यापार और उद्योग के अनुकूल वातावरण तैयार कर ही राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।
ऑनलाइन कारोबार से बिहार के व्यापारी संकट में, सरकार बनाए ठोस नीति : उपेन्द्र कुमार विभूति
Written by Sanjay Kumar
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