शिक्षक हित के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने का दिया भरोसा, प्रलोभन से सतर्क रहने का किया आह्वान
संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव ने शनिवार को नालंदा जिले के गिरियक एवं कतरीसराय प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का दौरा कर शिक्षकों से सीधा संवाद किया। सुबह से शुरू हुए शिक्षक संवाद कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं, विद्यालयों की स्थिति, पठन-पाठन की व्यवस्था और शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
शिक्षक संवाद कार्यक्रम की शुरुआत गिरियक प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय पोखरपुर से हुई। यहां विधान पार्षद ने विद्यालय के शिक्षकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को जाना। शिक्षकों ने सेवा संबंधी मामलों के साथ-साथ विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं से जुड़े विषयों को भी उनके समक्ष रखा।

इसके बाद प्रोजेक्ट बालिका प्लस टू विद्यालय गिरियक तथा प्लस टू विद्यालय गिरियक में शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन दोनों संस्थानों में भी प्रो. नवल किशोर यादव ने शिक्षकों के साथ खुलकर बातचीत की। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान शिक्षा के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
शिक्षकों ने इस दौरान अपनी विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं और अपेक्षाओं को विधान पार्षद के समक्ष रखा। शिक्षकों की ओर से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल, आवश्यक सुविधाओं तथा शिक्षकों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर ध्यान देने की मांग की गई। विधान पार्षद ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।
इसके बाद शिक्षक संवाद कार्यक्रम कतरीसराय प्रखंड पहुंचा। यहां प्लस टू उच्च विद्यालय कटौना में कतरीसराय प्रखंड के सभी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का समेकित शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था, सेवा शर्तों और शिक्षक हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार और समस्याएं साझा कीं।
प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और सुविधाओं की रक्षा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किए बिना शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत नहीं किया जा सकता। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के लिए शिक्षकों को बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि संवाद का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उन समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल करना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

प्रलोभन से सतर्क रहने की अपील
शिक्षक संवाद के दौरान विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव ने शिक्षकों को विशेष रूप से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का वोट हासिल करने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। शिक्षकों को ऐसे किसी भी प्रलोभन से सावधान रहना चाहिए और अपने विवेक के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों और हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रतिनिधि का चयन करें, जो उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करता हो।
विधान पार्षद ने कहा कि शिक्षक संवाद का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। विभिन्न प्रखंडों के विद्यालयों तक पहुंचकर शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का उद्देश्य शिक्षा जगत की जमीनी समस्याओं को समझना और उन्हें उचित मंच पर उठाना है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी विधान पार्षद के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए उनके समाधान की अपेक्षा जताई। संवाद के दौरान शिक्षकों और विधान पार्षद के बीच विभिन्न शैक्षणिक एवं सेवा संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर अजीत यादव, मोजम हसन, एखलाक अहमद, भारतेंदु कुमार, प्रो. बलिराम प्रसाद, प्रो. विजय कुमार पांडेय, सुरेंद्र कुमार, सुजीत कुमार, संजय कुमार, रिंकू कुमार, टिंकू कुमार, दिलीप कुमार, महेश पांडेय, विद्यासागर, रणविजय प्रताप सिंह, विनय कुमार, अवधेश कुमार, सुरेंद्र कुमार यादव, लोकेश कुमार, विवेक कुमार, श्रीमती स्वाति प्रकाश, रीमा कुमारी, खुशबू कुमारी सहित दर्जनों शिक्षक मौजूद थे।







