संजय कुमार
पटना(अपना नालंदा)। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस (जीकेसी) की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक परिवर्तन के लिए किए गए संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि लोकनायक का संपूर्ण जीवन त्याग, संघर्ष, नैतिकता और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है।

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जीकेसी के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त प्रहरी थे। उनका संघर्ष देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ आजादी के बाद भी सत्ता और शासन व्यवस्था को जनहित के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जयप्रकाश नारायण का जीवन इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र केवल शासन चलाने की पद्धति नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं, अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने वाली व्यवस्था है। उनके द्वारा दिया गया ‘संपूर्ण क्रांति’ का नारा भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। इस आंदोलन ने युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भ्रष्टाचार, सामाजिक विषमता तथा सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों के क्षरण के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा दी। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष ऐतिहासिक महत्व रखता है।

जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का मानना था कि वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब राजनीतिक व्यवस्था के साथ-साथ समाज और व्यक्ति के आचरण में भी सकारात्मक बदलाव आए। वर्तमान समय में सुशासन, पारदर्शिता, सामाजिक न्याय, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के संदर्भ में उनके विचारों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।

संस्था के राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार ने कहा कि लोकनायक की जयंती पर उनके आदर्शों को आत्मसात करने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और न्यायपूर्ण, समतामूलक एवं संवेदनशील समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक अभिषेक ने कहा कि जयप्रकाश नारायण महान स्वतंत्रता सेनानी और जननेता होने के साथ भारतीय लोकतंत्र की चेतना के प्रतीक भी हैं। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मधुकर वर्मा ने की। इस अवसर पर नीलेश रंजन, धनंजय प्रसाद, रवि सहाय, मुकेश महान, बब्बू श्रीवास्तव, सुमन श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार वर्मा, आलोक वर्मा, अतुल कुमार श्रीवास्तव, आकाश राज, अजय श्रीवास्तव, राजीव कुमार, आयुष राहुल, अनिल कुमार श्रीवास्तव, प्रिंस कुमार श्रीवास्तव, मधुमाला एवं नीतेश कुमार प्रसून श्रीवास्तव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। सभी ने लोकनायक के आदर्शों पर चलने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।







