हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय के सीओ कक्ष में शनिवार को साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। अंचलाधिकारी पूजा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े कुल 10 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 5 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर संबंधित पक्षों को राहत प्रदान की गई, जबकि शेष 5 मामलों की सुनवाई अगली तिथि तक स्थगित कर दी गई।

जनता दरबार में हरनौत, कल्याण बिगहा एवं चेरो ओपी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए लोगों ने अपनी भूमि संबंधी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। सुनवाई के दौरान स्वामित्व विवाद, भूमि बंटवारा, सीमांकन, अतिक्रमण एवं कब्जा संबंधी मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी मामलों में वादी और प्रतिवादी पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने का अवसर दिया गया तथा उपलब्ध दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि सुनवाई के लिए प्रस्तुत कुल 10 मामलों में 7 मामले पूर्व से लंबित थे, जबकि 3 नए आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रशासन द्वारा सभी मामलों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निपटारा करने का प्रयास किया गया। जांच-पड़ताल और दोनों पक्षों की सहमति के बाद 5 मामलों का तत्काल निष्पादन कर दिया गया। इनमें अधिकांश मामले भूमि स्वामित्व और बंटवारे से संबंधित थे।
वहीं, 5 मामलों का निपटारा नहीं हो सका। कुछ मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई, जबकि कुछ मामलों में एक पक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों को अगली निर्धारित तिथि पर भूमि से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
जनता दरबार के दौरान हरनौत थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, सीआई रामानंद प्रसाद, लिपिक मनीष कुमार सहित अंचल एवं पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए जनता दरबार एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है, जिससे लोगों को न्यायालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और स्थानीय स्तर पर विवादों का समाधान संभव हो रहा है।







