अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा शिक्षा विभाग में कार्यरत एक लिपिक की नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। फर्जी नियुक्ति के आरोप से जुड़े मामले में अब विभागीय स्तर पर जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पटना प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक कार्यालय ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), नालंदा से संबंधित कर्मी के नियुक्ति पत्र एवं सेवा पुस्तिका की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, नालंदा में कार्यरत लिपिक विनोद कुमार की नियुक्ति को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना प्रमंडल ने जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
कार्यालय से जारी पत्र में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को निर्देश दिया गया है कि विनोद कुमार से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेखों की जांच कर उनकी सत्यापित प्रतियां तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएं। इसमें नियुक्ति पत्र, सेवा पुस्तिका तथा अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रशासनिक जांच की जाएगी।
बताया जाता है कि यह शिकायत पटना निवासी सविता देवी उर्फ सविता कुमारी द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विनोद कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गई हैं और नियुक्ति से जुड़े अभिलेखों की सत्यता संदिग्ध है। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित कर्मी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नालंदा शिक्षा विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म है। विभागीय कर्मचारियों के बीच भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारी फिलहाल जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग आगे क्या कदम उठाता है।







