आर संतोष भारती
कतरीसराय (अपना नालंदा)। प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरांदी में मंगलवार को तिथि भोज सह विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय में करीब 28 वर्षों तक रसोइया के पद पर अपनी सेवाएं देने वाले बालो जी के सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आत्मीयता, अपनापन और आपसी भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने की। तिथि भोज के आयोजन के माध्यम से जहां बच्चों को सामूहिक परिवार, आपसी प्रेम, सहयोग और मिल-जुलकर रहने की भावना का संदेश दिया गया, वहीं गांवों में कभी सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा रही जमीन पर बैठकर पंगत में सामूहिक रूप से भोजन करने की परंपरा को भी जीवंत करने का प्रयास किया गया।
विद्यालय परिसर में बच्चे, शिक्षक एवं अन्य विद्यालय परिवार के सदस्य एक साथ पंगत में बैठे और सामूहिक रूप से भोजन किया। लंबे समय बाद इस तरह की परंपरागत व्यवस्था ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। पंगत में एक साथ बैठकर भोजन करने के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को सामूहिकता और सामाजिक समरसता की उस परंपरा से परिचित कराने का प्रयास किया गया, जो आधुनिक जीवनशैली के कारण धीरे-धीरे गांवों से दूर होती जा रही है।

सेवानिवृत्ति पर सम्मान, 28 वर्षों की सेवा को किया याद
समारोह के दौरान विद्यालय में 28 वर्षों तक रसोइया के रूप में सेवाएं देने वाले बालो जी के योगदान को याद किया गया। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने कहा कि इतने लंबे समय तक विद्यालय से जुड़े रहकर उन्होंने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल के दौरान विद्यालय के बच्चों के लिए भोजन तैयार करने से लेकर विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विद्यालय परिवार की ओर से उनके प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखमय एवं शांतिपूर्ण जीवन की कामना की।

भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआरसी समन्वयक सह मध्य विद्यालय बरीठ के प्रधानाध्यापक सतीश प्रसाद, व्यवस्थापक सह मध्य विद्यालय गोवर्धन विगहा के प्रधानाध्यापक संजय कुमार वर्मा तथा प्रखंड मध्याह्न भोजन प्रभारी संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान समय में लोग कई बार ईर्ष्या-द्वेष और आपसी मतभेद के कारण अपने परिवार, पड़ोसियों एवं सहयोगियों से दूरी बना लेते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में प्राथमिक विद्यालय बरांदी के प्रभारी प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में विद्यालय परिवार द्वारा प्रेम, सहयोग, भाईचारे और आपसी सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने के लिए इस तरह का आयोजन करना बेहद सराहनीय पहल है। विद्यालय केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देने का केंद्र नहीं है, बल्कि सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों को विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि तिथि भोज जैसे आयोजन बच्चों में मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे का सम्मान करने और सामूहिकता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही पंगत में बैठकर भोजन करने की परंपरा को पुनर्जीवित करने से बच्चों को गांव की पुरानी सामाजिक संस्कृति और सामूहिक जीवनशैली को समझने का अवसर मिलता है।
वक्ताओं ने विद्यालय परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालय बरांदी का पूरा परिवार इस आयोजन के लिए बधाई का पात्र है। उन्होंने सेवानिवृत्त रसोइया बालो जी की 28 वर्षों की सेवा को याद करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुखमय भविष्य की कामना की।

विद्यालय परिवार और ग्रामीणों की रही सहभागिता
समारोह में विद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ आसपास के विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, ग्रामीण एवं अन्य लोग भी शामिल हुए। सभी ने सेवानिवृत्त रसोइया बालो जी के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके लंबे सेवाकाल की सराहना की।
मौके पर कोयरी विगहा के प्रधानाध्यापक उमेश कुमार शर्मा, शाहाबाद के प्रभारी प्रधानाध्यापक पंकज कुमार, अहियाचक के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार, शिक्षक अनिल कुमार साह, संजू कुमारी, राकेश कुमार, किरण कुमारी, राजीव कुमार सहित ग्रामीण अलखदेव सिंह, विनोद सिंह, उचित सिंह, मनीष कुमार समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।
तिथि भोज और विदाई समारोह ने एक ओर जहां 28 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले बालो जी के प्रति विद्यालय परिवार की कृतज्ञता को व्यक्त किया, वहीं दूसरी ओर सामूहिक पंगत के माध्यम से गांव की पुरानी सामाजिक परंपरा, भाईचारे और सामूहिकता की भावना को भी एक बार फिर जीवंत कर दिया।







